रांची, 20 जुलाई 2026। झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपते हुए झारखंड पुलिस ट्रेड सीमित प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 का परिणाम शीघ्र घोषित कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परीक्षा आयोजित हुए लगभग दस महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिणाम जारी नहीं होने से हजारों पुलिसकर्मियों में निराशा और असंतोष का माहौल है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष बलराम ठाकुर एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष कपलेश्वर गोप ने राज्यपाल को अवगत कराया कि झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल ने 8 मई 2025 को झारखंड पुलिस ट्रेड सेवा शर्त नियमावली, 2025 को स्वीकृति प्रदान की थी। इस नियमावली का उद्देश्य पुलिस विभाग में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर पदोन्नति और बेहतर सेवा अवसर उपलब्ध कराना था। नियमावली लागू होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए पात्र कर्मियों के लिए झारखंड पुलिस ट्रेड सीमित प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित समिति की देखरेख में 24 सितंबर 2025 को परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा में राज्यभर से बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों ने भाग लिया और सभी को उम्मीद थी कि निर्धारित समय के भीतर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद परिणाम लंबित है, जिससे कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार टूट रही हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि परिणाम घोषित नहीं होने का सीधा असर कर्मचारियों के सेवा जीवन पर पड़ रहा है। कई कर्मी पदोन्नति, वेतनमान में वृद्धि तथा अन्य वित्तीय लाभों से वंचित हैं। कुछ कर्मचारी परिणाम की प्रतीक्षा करते-करते सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें सेवा संबंधी लाभ नहीं मिल पाए। उनका कहना है कि यदि समय पर परिणाम जारी होता, तो ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति और उससे जुड़े आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकते थे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करता है। लंबे समय तक अनिश्चितता बने रहने से कार्य के प्रति उत्साह कम होता है और कर्मचारियों में यह भावना उत्पन्न होती है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। संघ ने सरकार और पुलिस मुख्यालय से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे इस विषय में संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की पहल करें ताकि परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी हो सके और पात्र कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित न होना पड़े। राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि राज्यपाल के हस्तक्षेप से लंबित परीक्षा परिणाम जल्द घोषित होगा और वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी केवल समयबद्ध प्रक्रिया और नियमों के अनुरूप अपने वैध अधिकारों की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि परिणाम शीघ्र जारी होता है, तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, विभागीय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा और पुलिस बल की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
