Wednesday, October 14

रांची: JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के मामले में रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोतवाली थाना में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में कुल 14 नामजद लोगों के अलावा कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, अंकिता वर्मा, शाहबाज और मजिस्ट्रेट की शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। नामजद आरोपियों में कुणाल कुमार, पीयूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस को घटना से जुड़े कई वीडियो फुटेज मिले हैं और इन्हीं के आधार पर मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

अमीषा प्रसाद से पूछताछ, भाजपा नेताओं का थाने में जमावड़ा

इधर, अमीषा प्रसाद से पूछताछ को लेकर भी रांची में सियासी हलचल तेज हो गई। सदर थाना में दर्ज कांड संख्या 286/26 के सिलसिले में पुलिस अमीषा प्रसाद को महिला थाना लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया था, जिसे लेने से उन्होंने इनकार कर दिया।

पूछताछ के बाद अमीषा प्रसाद को छोड़ दिया गया और आगे जरूरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला सेमफोर्ड हॉस्पिटल में कथित तोड़फोड़ से जुड़ा है।

अमीषा प्रसाद से पूछताछ की जानकारी मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रांची विधायक सीपी सिंह, रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई भाजपा नेता कोतवाली थाना पहुंच गए। भाजपा नेताओं की करीब चार घंटे तक थाने में मौजूदगी रही। जानकारी के अनुसार, अमीषा प्रसाद को दोपहर करीब 12 बजे थाना लाया गया था और शाम करीब 7:20 बजे उन्हें छोड़ दिया गया।

बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना

थाने पहुंचे बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना जनता का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची समेत कई जगहों पर पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन का पक्ष अलग हो सकता है।

बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने कानून अपने हाथ में लिया है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने रामगढ़ में पुतला दहन को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार छीना नहीं जा सकता।

सीपी सिंह बोले- कानून के मुताबिक हो कार्रवाई

रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि अमीषा प्रसाद को पुतला दहन कार्यक्रम के मामले में नहीं, बल्कि सेमफोर्ड हॉस्पिटल में हुई कथित तोड़फोड़ से जुड़े केस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद यह भरोसा मिला कि पूछताछ पूरी होने के बाद अमीषा प्रसाद को छोड़ दिया जाएगा।

इसके बाद भाजपा नेताओं ने थाने के बाहर अपना विरोध समाप्त किया। सीपी सिंह ने कहा कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के साथ अनावश्यक सख्ती नहीं होनी चाहिए।

पुलिस ने बताई पूछताछ की वजह

वहीं, सदर थाना प्रभारी ने बताया कि अमीषा प्रसाद सम्पूर्ण फाउंडेशन की डायरेक्टर हैं और उन्हें कांड संख्या 286/26 के सिलसिले में पूछताछ के लिए थाना लाया गया था। थाना प्रभारी के अनुसार, पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अमीषा प्रसाद छात्र नहीं हैं और उनका छात्र आंदोलन से कोई मामला नहीं है। उन्हें सेमफोर्ड हॉस्पिटल में हुई कथित तोड़फोड़ के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

फिलहाल, एक तरफ पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे को लेकर तीन FIR के बाद पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान में जुटी है, तो दूसरी ओर अमीषा प्रसाद से पूछताछ को लेकर भाजपा और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई है। अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।

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