रांची: झारखंड में परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती नजर आ रही है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने परिसीमन की संभावित प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे राज्य में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इसे आदिवासी समुदाय के राजनीतिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।
इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए बंधु तिर्की अब दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। वह परिसीमन से जुड़ी अपनी चिंताओं और प्रस्तावित दस्तावेज को देश के शीर्ष नेताओं के सामने रखने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपेंगे दस्तावेज
बंधु तिर्की के अनुसार, वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ झारखंड से लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को भी दस्तावेज सौंपेंगे। इसके अलावा, वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने भी इस मुद्दे को रखेंगे।
उनका उद्देश्य परिसीमन के संभावित प्रभावों की ओर राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करना और आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी चिंताओं को सामने लाना है।
‘परिसीमन हुआ तो आदिवासी मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रभावित होगी’
बंधु तिर्की ने परिसीमन के संभावित राजनीतिक प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि परिसीमन के कारण आदिवासी समुदाय का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है, तो भविष्य में झारखंड में आदिवासी मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने इस मुद्दे को केवल सीटों की संख्या तक सीमित न मानते हुए आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व से जोड़कर देखा है।
क्या है परिसीमन और झारखंड में क्यों अहम है यह मुद्दा?
परिसीमन वह प्रक्रिया है, जिसके तहत जनसंख्या और लागू संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं तथा उनके प्रतिनिधित्व का पुनर्निर्धारण किया जाता है।
झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या और आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। हालांकि, परिसीमन के बाद झारखंड में ST आरक्षित सीटें वास्तव में घटेंगी या नहीं, यह संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और आधिकारिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल बंधु तिर्की ने इस संबंध में अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं।
