एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को 238-234 से हराया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने 238 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला तीरंदाजों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। महिला कंपाउंड टीम इवेंट के फाइनल में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
फाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन
भारत और चीन के बीच हुए फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। भारतीय तिकड़ी ने लगातार सटीक निशाने लगाए और निर्णायक पलों में शानदार प्रदर्शन किया। मुकाबले के आखिरी चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार 10 अंक वाले निशाने लगाकर जीत पक्की कर दी।
भारत ने कुल 238 अंक हासिल किए, जो इस स्पर्धा के विश्व रिकॉर्ड स्कोर 238 की बराबरी है। यह रिकॉर्ड इससे पहले दक्षिण कोरिया ने 2014 के एशियन गेम्स में बनाया था।
कौन हैं भारत की ‘गोल्डन गर्ल्स’?
ज्योति सुरेखा वेन्नम
30 वर्षीय ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के चालपल्ली की रहने वाली ज्योति ने तीरंदाजी से पहले राष्ट्रीय स्तर पर तैराकी में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने 2011 में सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू किया।
2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में ज्योति ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर खास उपलब्धि हासिल की थी। उनके नाम कई विश्व कप और एशियाई चैंपियनशिप पदक भी हैं। उन्हें 2017 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
चिकिता तनिपार्थी
तेलंगाना के किसान परिवार से आने वाली 21 वर्षीय चिकिता तनिपार्थी ने भी इस जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 705 अंक हासिल कर महिला कंपाउंड वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया था। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।
चिकिता ने 2025 वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में अंडर-21 महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया था। वह इस वर्ग में विश्व युवा चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बनी थीं।
पृथिका प्रदीप
महज 18 साल की पृथिका प्रदीप ने भी इस ऐतिहासिक जीत में अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। महाराष्ट्र की रहने वाली पृथिका ने पांचवीं कक्षा में तीरंदाजी शुरू की थी। कम उम्र में ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक अपने नाम किए हैं।
एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन में पृथिका ने 695 अंक हासिल किए थे। अब चीन के खिलाफ फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
भारत ने बरकरार रखा अपना खिताब
इस जीत के साथ भारत ने महिला कंपाउंड टीम इवेंट में अपना एशियन गेम्स खिताब बरकरार रखा। 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस बार ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ चिकिता और पृथिका ने मिलकर भारत को फिर से शीर्ष पर पहुंचाया।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने न सिर्फ चीन जैसी मजबूत टीम को हराया, बल्कि 238 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। अनुभवी ज्योति, युवा प्रतिभा चिकिता और 18 वर्षीय पृथिका की यह तिकड़ी भारतीय तीरंदाजी के लिए एक यादगार अध्याय लिख गई है।


