चक्रधरपुर, झारखंड: चक्रधरपुर स्थित आरपीएस कॉलेज परिसर में हाल ही में आयोजित एक दिवसीय युवा संवाद कार्यक्रम ने स्थानीय युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। कोल्हान नितिर तुरतुंग (केएनटी) द्वारा आयोजित इस अनूठे समारोह का मुख्य उद्देश्य न केवल युवाओं का मार्गदर्शन करना था, बल्कि सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद जेराई को दिल्ली स्थानांतरण के अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई भी देना था। इस भावुक अवसर पर उपस्थित हर चेहरे पर एक तरफ सीख की उत्सुकता थी, तो दूसरी ओर एक प्रिय मार्गदर्शक के बिछड़ने का दर्द। यह कार्यक्रम चक्रधरपुर के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत बनकर उभरा, जहाँ युवा संवाद आरपीएस कॉलेज ने भविष्य की राहें रोशन कीं।
चक्रधरपुर में युवा संवाद आरपीएस कॉलेज का आयोजन
आरपीएस कॉलेज में आयोजित इस युवा संवाद आरपीएस कॉलेज कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक माझीराम जामुदा ने की। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से ऊर्जावान और प्रेरणादायी था, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी वक्ताओं ने अपने ज्ञान और अनुभवों को युवाओं के साथ साझा किया। इस कार्यक्रम ने युवाओं को शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं पर सोचने का अवसर प्रदान किया, जिससे वे अपने भविष्य के प्रति अधिक जागरूक और सक्षम बन सकें।
प्रेरणादायक वक्ताओं का मार्गदर्शन
इस संवाद सत्र में कई प्रभावशाली वक्ताओं ने युवाओं को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
- शारीरिक प्रशिक्षक दया सागर केराई: उन्होंने युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उनका मानना था कि एक स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ मस्तिष्क का आधार है। साथ ही, उन्होंने जाति प्रमाण पत्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की जटिल प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया, जो ग्रामीण युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी है।
- आरपीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य शिव पूजन साय: उन्होंने इतिहास के प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए छात्रों को जीवन में संघर्ष करते रहने और कभी हार नहीं मानने की सीख दी। उनकी बातों से यह स्पष्ट था कि हर चुनौती एक अवसर है, और दृढ़ता से उसका सामना करना ही सफलता की कुंजी है।
- संस्था के संरक्षक ज्ञान सिंह दोराईबुरु: उन्होंने कोल्हान नितिर तुरतुंग की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा और संस्था के विकास में आनंद जेराई के अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जेराई ने अपने नेतृत्व और समर्पण से संस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
- रबिन्द्र गिलुवा: उन्होंने विद्यार्थियों को संवाद फेलोशिप की जानकारी देते हुए इसके लाभ बताए, जिससे युवाओं को आगे की शिक्षा और करियर के अवसरों के बारे में पता चल सके।
- संस्था के कोषाध्यक्ष जय सिंह कुंटिया: उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में समय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया, जो आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में सफलता के लिए अनिवार्य है।
- कुचाई संयोजक राम चंद्र सोय: उन्होंने अपनी पुस्तक का परिचय देते हुए युवाओं को लक्ष्य प्राप्ति तक लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
आनंद जेराई: एक मार्गदर्शक की विदाई
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद जेराई को उनके दिल्ली स्थानांतरण पर सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई। वक्ताओं ने बताया कि चक्रधरपुर में कोल्हान नितिर तुरतुंग की शाखा की स्थापना में आनंद जेराई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निस्वार्थ भाव से युवाओं का मार्गदर्शन किया। उनकी अगुवाई में फिजिकल ट्रेनिंग, क्लासरूम संचालन, फिजिकल टेस्ट, मेडिकल टेस्ट और करियर काउंसलिंग के माध्यम से संस्था और युवाओं को लगातार लाभ मिला। रांची में पदस्थापना के दौरान भी उनका सहयोग अविस्मरणीय रहा, जिससे स्पष्ट होता है कि वे कितने प्रतिबद्ध और समर्पित व्यक्ति थे।
अपने संबोधन में, आनंद जेराई ने अपने जीवन संघर्ष के अनुभवों को साझा करते हुए युवाओं को शारीरिक रूप से फिट रहने तथा अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनके शब्द युवाओं के दिलों में उतर गए, और सभी ने महसूस किया कि उनके मार्गदर्शन का कितना गहरा प्रभाव रहा है। जेराई ने जोर देकर कहा कि अनुशासन और शारीरिक फिटनेस किसी भी सफलता की नींव है, चाहे वह व्यक्तिगत हो या व्यावसायिक। उनका यह संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश बना रहेगा।
युवाओं में उत्साह और भविष्य की राह
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में ऐसे संवाद और मार्गदर्शन के प्रति कितनी ललक है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के संयुक्त सचिव हेमंत सामड और राम बोदरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अथक प्रयासों से ही यह समारोह संभव हो पाया और युवाओं को एक मूल्यवान अनुभव मिला। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष विश्वजीत दोराईबुरु, शिक्षक गौतम गागराई, जीतू बोदरा, सिनी गागराई, दीपक पुरती, गुरुवारी सामड, त्रिवेणी बिरुवा, मतान्तर सोय, सिकंदर गागराई जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रेरणादायक आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक विदाई समारोह नहीं था, बल्कि यह युवाओं के लिए एक नई शुरुआत थी, जहाँ उन्हें भविष्य के लिए आवश्यक कौशल और प्रेरणा मिली। कोल्हान नितिर तुरतुंग की यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा मिल सकती है।
राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल के बारे में अधिक जानने के लिए, आप यहां क्लिक कर सकते हैं। यह भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण पोर्टल है जो युवाओं को करियर मार्गदर्शन और नौकरी के अवसर प्रदान करता है।


