रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता देखने को मिली। बुधवार, 4 नवंबर को विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक, अकादमिक और साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नाटक, स्किट, मिमिक्री, वाद-विवाद, पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दूसरे दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में वन एक्ट, स्किट, मिमिक्री, अंग्रेजी वाद-विवाद, हिंदी वाग्मिता, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग शामिल रहीं। वन एक्ट प्रतियोगिता में विभिन्न समूहों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्णायक मंडली में डॉ. कमल बोस, डॉ. अनिल कुमार ठाकुर और डॉ. सुकुमार मुखर्जी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
वहीं, क्विज प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में 12 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें करेंट अफेयर्स, इतिहास, राजनीति, गणित और अर्थशास्त्र से जुड़े सवाल पूछे गए। अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता में 33 विद्यार्थियों और हिंदी वाग्मिता प्रतियोगिता में 27 विद्यार्थियों ने अपनी बातों और तर्कों से प्रतिभा दिखाई। इसके अलावा ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग में 57 और क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं में भागीदारी से विकसित होती है एकजुटता की भावना
इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने नए और पुराने अकादमिक भवनों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव केवल सांस्कृतिक और अकादमिक प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय में सामूहिकता और आपसी समन्वय की भावना को भी मजबूत करता है।
कुलपति ने कहा कि इन आयोजनों में विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों के विद्यार्थी एक-दूसरे से संवाद करते हैं और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। इससे उनके बीच एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है, जो व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, दूसरे दिन आयोजित सभी प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में आयोजन के लिए गठित विभिन्न समितियों के समन्वयकों, सदस्यों और निर्णायक मंडली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के निदेशक जनसंपर्क डॉ. राजेश कुमार सिंह ने यह जानकारी दी।
