रांची। सावन माह के पवित्र अवसर पर रविवार को स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुंआ से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रा निकाली। गंगायात्री पीयूष पाठक के नेतृत्व में निकली इस कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं ने रानीचुंआ से पवित्र जल उठाया और पैदल यात्रा करते हुए रांची के पहाड़ी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने सरकार से स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुंआ को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग भी उठाई। आयोजकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि रानीचुंआ केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। मान्यता के अनुसार इस क्षेत्र का संबंध महाभारत काल से रहा है और वनवास के दौरान पांडवों के यहां रहने की बात कही जाती है। आज भी इस क्षेत्र में पांडू नामक गांव मौजूद है, जिसे स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक मान्यता से जोड़कर देखते हैं।
आस्था का बड़ा केंद्र है रानीचुंआ
कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि स्वर्णरेखा नदी झारखंड की महत्वपूर्ण नदियों में से एक है और इसका उद्गम स्थल रानीचुंआ स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय से आस्था का केंद्र रहा है। सावन के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि इस स्थल को तीर्थ क्षेत्र का दर्जा मिलता है तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रानीचुंआ से जल लेकर निकली कावड़ यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि तथा राज्य की खुशहाली की कामना की। यात्रा में शामिल लोगों ने पूरे रास्ते धार्मिक नारे लगाए और सावन की भक्ति में सराबोर नजर आए।
जगह-जगह हुआ कावड़ यात्रियों का स्वागत
कावड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया गया। सापारोम चौक पर आदित्य केशरी और साहु नर्सरी परिवार की ओर से कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए फल और शीतल जल की व्यवस्था की गई। वहीं कटहल मोड़ पर लाल प्रमोद सिंह शाहदेव की टीम ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया और फल एवं शीतल जल का वितरण किया।
भीषण गर्मी और लंबी दूरी की यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग रहे मौजूद
कावड़ यात्रा में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर रोटी बैंक के विजय पाठक, रांची सिटीजन फोरम के दीपेश निराला, जोहार पार्टी के विजय कुशवाहा, नगड़ी के प्रमुख मधुआ कच्छप, पूर्व पंचायत समिति सदस्य मधुबाला देवी, वार्ड 31 के पूर्व पार्षद अशोक यादव सहित तपेश्वर केशरी, धरम महतो, राजमोहन महतो और कमलेश केशरी उपस्थित रहे।
इसके अलावा अनाम संगठन के सदस्य प्रमोद जायसवाल, रितिक और विवेक हर्ष तिर्की समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु कावड़ यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा के आयोजकों ने कहा कि रानीचुंआ की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने की आवश्यकता है। सरकार यदि इसे तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करती है तो इससे श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। कावड़ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सरकार तक अपनी यह मांग पहुंचाने का प्रयास किया कि स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुंआ को तीर्थ क्षेत्र घोषित कर इसके संरक्षण और विकास की दिशा में ठोस पहल की जाए।


