नेपाल के रासुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आने से गांव, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
पीएम मोदी ने जताई संवेदना
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात की, जिसमें उन्होंने बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
भारत ने दिया हरसंभव सहायता का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को हरसंभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें बचाव व राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं। भारत की ओर से यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब नेपाल के कई इलाके बाढ़ की मार झेल रहे हैं और प्रभावित लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है।
बिहार में भी बढ़ी सतर्कता
नेपाल में आई बाढ़ का असर बिहार पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भोटे कोशी नदी का पानी आगे चलकर गंडक नदी तंत्र से जुड़ता है, जिससे उत्तर बिहार के कई जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और मानवीय साझेदारी की अहमियत को सामने रखा है।


