Wednesday, October 14

गृह मंत्रालय के ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान के तहत बल ने बढ़ाई सख्ती; 84 वाहन जब्त, 21 सीधी शिकायतें दर्ज

नई दिल्ली -अवैध कोयला खनन, चोरी और परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पिछले तीन हफ्तों के दौरान अपने सुरक्षा घेरे में आने वाले कोयला क्षेत्रों में चलाए गए सघन अभियानों के दौरान लगभग ₹1.08 करोड़ मूल्य का 1,798.725 मीट्रिक टन (MT) अवैध रूप से खनन किया गया, संग्रहीत या परिवहन किया जा रहा कोयला जब्त किया है।
इस अभियान के दौरान, सीआईएसएफ ने कोयले के अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले 84 वाहनों को भी जब्त किया है, जिनमें भारी-भरकम हाईवा (Hyva) ट्रक और संशोधित (मॉडिफाइड) मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इसके साथ ही अवैध खनन और कोयला तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ 21 सीधे शिकायत मामले दर्ज किए गए हैं।
यह तेज कार्रवाई 05 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद शुरू हुई है। इस बैठक के दौरान गृह मंत्रालय (MHA) ने देश के कोयला संसाधनों के अवैध निष्कर्षण, चोरी और संगठित लूट को रोकने तथा “जीरो कोल लीकेज” (शून्य कोयला रिसाव) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रित और समयबद्ध कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
मुख्य बरामदगी और कानूनी शक्तियां

इस अभियान के दौरान हुई प्रमुख बरामदगी में, सीआईएसएफ ने:
• बीसीसीएल (BCCL), धनबाद से 1,063.91 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
• ईसीएल (ECL), शीतलपुर से 450.13 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
• सीसीएल (CCL), रांची और सीएमपी(एच) [CMP(H)] से 284.715 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
इस मौजूदा अभियान में एक बड़ा बल गुणक (फोर्स मल्टीप्लायर) खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत नामित सीआईएसएफ अधिकारियों को प्राप्त बढ़ी हुई वैधानिक शक्तियां हैं। इस अधिनियम की धारा 22, 23B और 24 के तहत निहित शक्तियां अधिकृत अधिकारियों को सक्षम न्यायालयों के समक्ष सीधे लिखित शिकायतें दर्ज करने, तलाशी लेने और अवैध रूप से खनन किए गए खनिजों के भंडारण के संदिग्ध परिसरों में प्रवेश करने की अनुमति देती हैं, जिससे संगठित कोयला चोरी के खिलाफ प्रवर्तन तंत्र मजबूत हुआ है।

आधुनिक तकनीक और तस्करी के तरीके
इस नवीनतम अभियान में संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और अवैध खनन व परिवहन नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मानवीय खुफिया जानकारी (ह्यूमन इंटेलिजेंस), सीसीटीवी (CCTV) निगरानी, कोयले की आवाजाही की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और समन्वित जमीनी कार्रवाई का संयोजन किया गया है।
84 वाहनों की जब्ती कोयला चोरी के लिए अपनाए जा रहे विभिन्न तरीकों को भी उजागर करती है। भारी वाहनों के अलावा, संशोधित मोटरसाइकिलों का उपयोग अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की छोटी मात्रा को अनधिकृत और कठिन निगरानी वाले मार्गों से ले जाने के लिए किया जा रहा है। जब्त किए गए वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जहां भी आवश्यकता हो, स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
यह चल रहा अभियान कोयला आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में लीकेज को बंद करने और देश के मूल्यवान खनिज संसाधनों को संगठित आपराधिक नेटवर्क से सुरक्षित रखने के लिए एक समन्वित प्रयास है।
महानिदेशक (DG), सीआईएसएफ ने कहा: “सीआईएसएफ ‘जीरो कोल लीकेज’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए कोयला कंपनियों, स्थानीय प्रशासन और अन्य हितधारक एजेंसियों के समन्वय में खुफिया जानकारी आधारित अभियान, तकनीक-सक्षम निगरानी और अपनी वैधानिक शक्तियों का प्रवर्तन जारी रखेगा।”

 

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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