Friday, October 2

जामु के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में 62 बच्चे थे मौजूद, खाना खाने के कुछ देर बाद उल्टी और पेट दर्द की शिकायत; सभी को अस्पताल में कराया गया भर्ती

कोडरमा/मरकच्चो। झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड में बुधवार को स्कूल के मध्याह्न भोजन के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई। जामु स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद 48 बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इलाज के बाद सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बच्चों की हालत का जायजा लेने के साथ-साथ भोजन और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद ही बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

62 बच्चे स्कूल में थे मौजूद, 48 की बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार बुधवार को जामु के इस स्कूल में कुल 62 बच्चे उपस्थित थे। मध्याह्न भोजन करने के बाद करीब 48 बच्चों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और कुछ मामलों में चक्कर जैसी परेशानी होने लगी।

बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण स्कूल में कुछ ही देर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शिक्षकों और स्थानीय लोगों की मदद से बीमार बच्चों को वाहनों के जरिए मरकच्चो के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

खाने में बना था चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी

स्कूल में उस दिन मध्याह्न भोजन के तहत चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी तैयार की गई थी। बच्चों ने भोजन करने के बाद कुछ ही समय में परेशानी की शिकायत शुरू कर दी।

कई बच्चों को पेट में तेज दर्द हुआ, जबकि कुछ बच्चों को उल्टी की समस्या भी हुई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी और बच्चों को स्वास्थ्य केंद्र भेजने की व्यवस्था की।

रसोइया की तबीयत भी बिगड़ी

इस घटना में केवल बच्चों के बीमार होने की बात सामने नहीं आई है। भोजन तैयार करने वाली रसोइया ने भी खाना खाने के बाद अपनी तबीयत खराब होने की बात कही है। उसे भी इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

रसोइया की तबीयत बिगड़ने की जानकारी के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी जांच का पहलू महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बीमारी की वजह भोजन में कोई विषाक्त पदार्थ था। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कच्चे चावल की जताई गई आशंका

जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार के अनुसार, शुरुआती तौर पर आशंका है कि चावल पूरी तरह नहीं पका होने के कारण कुछ बच्चों को परेशानी हुई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद अन्य बच्चों में घबराहट की स्थिति पैदा हुई हो सकती है।

वहीं, रसोइया की ओर से पुराने चावल के इस्तेमाल की बात कही जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चावल पुराना था या नहीं और भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद मरकच्चो प्रखंड प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल तथा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति की जानकारी ली और घटना के संबंध में स्कूल से भी जानकारी जुटाई।

कोडरमा के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

इलाज के बाद बच्चों की हालत सामान्य

बीमार बच्चों को स्वास्थ्य केंद्र में इलाज दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार उपचार के करीब एक घंटे बाद बच्चों की स्थिति स्थिर बताई गई। एहतियात के तौर पर उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया।

घटना के बाद बच्चों के परिजन भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अपने बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने से परिजनों में चिंता का माहौल रहा।

अब इन सवालों के जवाब तलाशना जरूरी

इस घटना के बाद स्कूल के मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। जांच में यह देखा जाना जरूरी है कि—

  • खाना तैयार करने में किन सामग्रियों का इस्तेमाल हुआ था?
  • चावल ठीक से पका था या नहीं?
  • इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थ कितने पुराने थे?
  • भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया क्या थी?
  • क्या भोजन का सैंपल सुरक्षित रखा गया है?
  • क्या रसोई और खाद्य सामग्री का नियमित निरीक्षण होता है?
  • एक साथ इतने बच्चों की तबीयत खराब होने की वास्तविक वजह क्या थी?

इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

भोजन का सैंपल और जांच रिपोर्ट अहम

चूंकि बड़ी संख्या में बच्चों ने एक ही भोजन खाने के बाद स्वास्थ्य संबंधी शिकायत की है, इसलिए भोजन की गुणवत्ता की जांच इस मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। यदि भोजन का सैंपल सुरक्षित रखा गया है तो उसकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी थी या बच्चों के बीमार पड़ने की वजह कुछ और थी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट से ही होगी।

फिलहाल बच्चों की स्थिति सामान्य

घटना का सबसे राहत वाला पहलू यह है कि अस्पताल में इलाज के बाद सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में बच्चों का इलाज किया गया।

अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। इससे यह साफ होगा कि 48 बच्चों की तबीयत एक साथ क्यों बिगड़ी और स्कूल के मध्याह्न भोजन में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।

एक नजर में पूरी घटना

स्थान: जामु, मरकच्चो प्रखंड, कोडरमा
स्कूल: उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय
स्कूल में मौजूद बच्चे: 62
बीमार हुए बच्चे: 48
शिकायत: पेट दर्द, उल्टी और चक्कर
भोजन: चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी
इलाज: प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में
वर्तमान स्थिति: बच्चों की हालत सामान्य, चिकित्सकीय निगरानी
प्रारंभिक आशंका: चावल ठीक से नहीं पकने की संभावना
जांच: प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जारी

 

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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