चतरा। झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शनिवार (19 जुलाई 2026) को गुप्त सूचना के आधार पर चतरा पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के सक्रिय सदस्य मनोज वाच्छी (पिता–स्वर्गीय शिव नारायण वाच्छी) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ चतरा जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि मनोज वाच्छी अपने पिता के घर लावालौंग थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक, चतरा के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सिमरिया) ने किया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी के खिलाफ बालूमाथ थाना कांड संख्या-168/19 दिनांक 30 अगस्त 2019 में दर्ज मामले में वारंट जारी था। इस मामले में उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के अलावा आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट तथा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मनोज वाच्छी के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें बालूमाथ थाना के दो, लावालौंग थाना के दो, कुंदा थाना का एक तथा पिपरवार थाना का एक मामला शामिल है। इन मामलों में हत्या का प्रयास, लूट, अवैध हथियार रखने, उग्रवादी गतिविधियों में संलिप्तता, आपराधिक षड्यंत्र तथा यूएपीए के तहत अपराध दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।
छापेमारी अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरिया, लावालौंग थाना प्रभारी, एसएसबी की 35वीं बटालियन के जवान तथा लावालौंग थाना के सशस्त्र बल के पुलिसकर्मी शामिल थे। संयुक्त अभियान के कारण बिना किसी अप्रिय घटना के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
चतरा पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जिले में सक्रिय उग्रवादियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और फरार उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे संगठन की गतिविधियों और अन्य सहयोगियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।


