जमशेदपुर। नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को जमशेदपुर की सड़कों पर छात्रों का असंतोष खुलकर सामने आया। शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी तादाद में विद्यार्थी एकत्र होकर विरोध मार्च में शामिल हुए और केंद्र सरकार की परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- पेपर लीक प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए
- मामले में शामिल दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
- भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए
हाथों में नारे लिखी तख्तियां थामे प्रदर्शनकारी छात्र शहर की मुख्य सड़कों से गुजरते हुए अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाने की कोशिश करते नजर आए।
“ईमानदार छात्रों के साथ अन्याय”
विरोध प्रदर्शन में मौजूद छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं उन लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं जो वर्षों तक कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। उनका तर्क था कि जब परीक्षा की गोपनीयता ही भंग हो जाए, तो निष्ठा से पढ़ाई कर परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के साथ यह सरासर अन्याय है और उनका भरोसा व्यवस्था से उठने लगता है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान गुस्साए छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए तीखे नारे लगाए। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की साख और विश्वसनीयता को बनाए रखने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनका कहना था कि जब तक जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।



