रांची। चीनी की बढ़ी कीमत का सीधा असर अब रांची के मिठाई बाजार पर देखने को मिल रहा है। रक्षाबंधन से ठीक पहले शहर की छोटी-बड़ी सभी मिठाई दुकानों में लगभग हर मिठाई की कीमत बढ़ा दी गई है। काजू कतली से लेकर बेसन के लड्डू तक हर आइटम महंगा हो गया है। बढ़ी हुई कीमतों को लेकर दुकानदार खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं, लेकिन इसका खामियाजा भुगत रहे ग्राहकों की नाराजगी सीधे सरकार के खिलाफ जाहिर हो रही है।
“गन्ने से पेट्रोल बनेगा तो मिठाई तो महंगी होगी ही” – परेशान ग्राहक
रक्षाबंधन के लिए मिठाई खरीदने पहुंचे ग्राहकों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि खाने-पीने की चीज हो या पेट्रोल, हर चीज लगातार महंगी होती जा रही है। ग्राहकों ने तंज कसते हुए कहा कि जब गन्ने से पेट्रोल बनाया जाने लगा है, तो जाहिर है कि मिठाई भी महंगी होगी ही। उनका मानना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मध्यम वर्ग (Middle Class) की कमर तोड़ दी है और त्योहार के मौके पर भी घर का बजट गड़बड़ा गया है।
चीनी की महंगाई पर सियासी घमासान, झामुमो-कांग्रेस बनाम भाजपा
चीनी की बढ़ी कीमतों को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। झामुमो और कांग्रेस इसके लिए सीधे केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल की वजह से चीनी महंगी नहीं हुई है। भाजपा प्रदेश मीडिया कोऑर्डिनेटर योगेंद्र प्रताप ने कहा कि केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतें कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं और जल्द ही दाम नीचे आएंगे। उन्होंने झामुमो-कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
“पुत्र मोह में गडकरी” – कांग्रेस का तीखा हमला
वहीं कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि गडकरी अपने “पुत्र मोह” में गन्ने से पेट्रोल बनाने पर जोर दे रहे हैं, जिसका खामियाजा पूरा देश चीनी महंगी होने के रूप में भुगत रहा है। दूसरी ओर झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आंकड़ों के जरिए हमला बोलते हुए कहा कि पिछले साल इसी महीने चीनी 45 रुपये किलो बिक रही थी, लेकिन अब इसमें 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हो चुका है।
बाजार में कीमतों का बड़ा उछाल
बाजार के मुताबिक काजू कतली 900 से बढ़कर 1100 रुपये किलो, घी के लड्डू 400 से 500 रुपये, बेसन के लड्डू 300 से 400 रुपये और साधारण लड्डू 220 से 260 रुपये किलो हो गए हैं। वहीं प्रति पीस बिकने वाली गुलाब जामुन, रसगुल्ला, चंद्रकला और मलाई चॉप जैसी मिठाइयों के दाम भी 3 से 5 रुपये तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।


