धनबाद। झारखंड के धनबाद में मंगलवार की सुबह एक बार फिर जमीन के नीचे छिपे खतरे ने लोगों को दहला दिया। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ इलाके में अचानक हुए भू-धंसान से कई मकान इसकी चपेट में आ गए। घटना के समय कुछ परिवार अपने घरों में सो रहे थे। जमीन खिसकने के बाद मलबे में लोग फंस गए, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि घटना सिजुआ 10 नंबर मोड़ और काली मंदिर के आसपास सुबह करीब साढ़े चार से साढ़े पांच बजे के बीच हुई। अचानक तेज आवाज के साथ जमीन का हिस्सा नीचे धंस गया। कुछ ही समय में आसपास की जमीन पर दरारें दिखाई देने लगीं और कई मकानों को नुकसान पहुंचा। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
मलबे में दबे लोगों को ग्रामीणों ने निकाला
भू-धंसान की चपेट में आने से कई लोग घायल हुए हैं। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग बताई गई है, जबकि एक परिवार के कई सदस्यों के मलबे में दबने की जानकारी सामने आई है। आसपास के लोगों ने बिना इंतजार किए मलबा हटाना शुरू किया और दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के बीच भय का माहौल है।
जमीन में बढ़ती दरारों ने बढ़ाई चिंता
हादसे के बाद आसपास की जमीन में दिखाई दे रही दरारों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों को आशंका है कि भू-धंसान का दायरा बढ़ने पर आसपास के दूसरे मकान भी खतरे में आ सकते हैं। कई परिवार एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।
सिजुआ और आसपास का इलाका लंबे समय से भू-धंसान की समस्या से जूझता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र के कुछ हिस्सों को पहले ही जोखिम वाले क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया गया था।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, पुनर्वास की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी सामने आया। ग्रामीणों ने कतरास-सिजुआ मार्ग पर विरोध जताते हुए आवागमन बाधित किया। लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए और उन्हें स्थायी पुनर्वास दिया जाए।
स्थानीय लोग लंबे समय से भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान, प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इलाके में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे कोयलांचल क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। हादसे के बाद प्रभावित इलाके में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


