त्योहारों के मौसम में घर लौटने वालों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. देशभर के व्यस्त रूटों पर रेलवे 800 से ज्यादा अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाने जा रहा है, जिससे 57 हजार से ज्यादा नई बर्थ यात्रियों को मिलेंगी. मकसद साफ है — वेटिंग लिस्ट का झंझट कम करना और त्योहारी सफर को आसान बनाना.
यह विशेष व्यवस्था नवंबर 2026 तक चलती रहेगी. इसका सबसे बड़ा फायदा उन प्रवासी मजदूरों और परिवारों को होगा, जो गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ और कुंभाभिषेकम जैसे बड़े पर्वों पर अपने गांव-घर लौटते हैं.
जोन-वार कितनी ट्रेनें, समझिए पूरा गणित
भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए रेलवे ने हर जोन को अलग-अलग हिस्सेदारी दी है. पहले चरण में 386 गणपति स्पेशल ट्रेनें उतारी जा चुकी हैं, जो 25 सितंबर तक चलेंगी.
- मध्य रेलवे को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है — मुंबई और महाराष्ट्र में भारी भीड़ को देखते हुए यहां 258 स्पेशल फेरे चलाए जा रहे हैं.
- पश्चिम रेलवे के हिस्से 64 फेरे आए हैं.
- कोंकण रेलवे गोवा और कर्नाटक-केरल तटीय इलाकों के लिए 58 ट्रेनें चला रहा है.
- दक्षिण मध्य रेलवे ने अपने नियमित रूट पर 6 अतिरिक्त फेरे जोड़े हैं.
उत्तर मध्य और उत्तर पश्चिम रेलवे भी अतिरिक्त ट्रेनें उतार रहे हैं, हालांकि पूर्व रेलवे के कुछ स्टेशनों पर ठहराव के समय में मामूली फेरबदल किया गया है. दक्षिण रेलवे ने 17 सितंबर के कुंभाभिषेकम उत्सव के लिए 6 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया है.
भगदड़ रोकने के लिए स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा
बड़ी भीड़ में हादसों से बचने के लिए रेलवे ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
- बैच में बोर्डिंग: पीक आवर में यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म नहीं भेजा जाएगा. पहले होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा, फिर प्लेटफॉर्म की क्षमता के हिसाब से छोटे समूहों में भेजा जाएगा.
- चौबीसों घंटे निगरानी: RPF और GRP के जवान हर कोने पर तैनात हैं. CCTV की लाइव फीड सीधे सेंट्रल वॉर रूम पहुंचाई जा रही है, और सामान की जांच के लिए आधुनिक स्कैनर लगाए गए हैं.
दिल्ली के 4 स्टेशनों पर अब डिजिटल लॉकर की सुविधा
भारी सामान लेकर सफर करने वालों के लिए उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर 24 घंटे चलने वाली ओटीपी-आधारित डिजिटल लॉकर सेवा शुरू की है.
सामान रखना हो तो स्क्रीन पर ‘Start’ दबाकर मोबाइल नंबर डालना होगा, ओटीपी वेरिफाई करने के बाद भुगतान करते ही लॉकर खुल जाएगा. सामान निकालने के लिए फिर से मोबाइल नंबर और ओटीपी डालकर ‘Release’ बटन दबाना होगा — लॉकर तुरंत अनलॉक हो जाएगा.
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि नई सुरक्षा जांच और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को देखते हुए ट्रेन के तय समय से काफी पहले स्टेशन पहुंचें, ताकि आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचा जा सके.
गौरतलब है कि पिछले तीन सालों में स्पेशल ट्रेनों की संख्या में रेलवे ने बड़ा इजाफा किया है — 2023-24 में जहां 40,500 फेरे चले थे, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 85,400 तक पहुंचा और 2025-26 में करीब 80,500 फेरे दर्ज किए गए.



