रांची: गांधी जयंती के मौके पर बिरसा मुंडा कारावास में जेल अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें सुनवाई के बाद 11 बंदियों को रिहा किया गया। नालसा और झालसा के निर्देश पर आयोजित इस जेल अदालत में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए बंदियों से आवेदन भी लिए गए थे।

विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए 21 बंदियों ने आवेदन दिया था। जेल अदालत के साथ जागरूकता शिविर भी लगाया गया, जिसमें बंदियों को नालसा और झालसा की ओर से संचालित योजनाओं और कानूनी सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य जांच से लेकर भोजन की गुणवत्ता तक की जांच
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सीय शिविर लगाया गया। इसमें बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।
वहीं, न्यायिक दंडाधिकारियों ने जेल में बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने भोजन को स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता देखी। जहां कमियां मिलीं, उन्हें दूर करने के लिए मौके पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जेल अदालत और जागरूकता शिविर के जरिए बंदियों को कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ उनकी स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।
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