कोडरमा। झुमरी तिलैया नगर परिषद क्षेत्र में अवैध चुंगी वसूली के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर की शिकायत के बाद की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चुंगी वसूली से संबंधित बड़ी संख्या में रसीद पैड बरामद किए गए हैं। मामला सामने आने के बाद अब सिर्फ वसूली करने वाले लोगों की भूमिका ही नहीं, बल्कि नगर परिषद की पूरी कार्यप्रणाली और कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।
मामले को इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि बरामद रसीदों पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर पाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन रसीदों और उससे जुड़े आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रसीदों पर मुहर-हस्ताक्षर से बढ़ा मामला
पुलिस की कार्रवाई के बाद बरामद रसीद पैड अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं। बताया जा रहा है कि इन रसीदों पर कार्यपालक पदाधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर मौजूद थे। यही वजह है कि जांच का दायरा अब सिर्फ कथित अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों तक सीमित नहीं रह गया है।
यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि इन रसीदों का इस्तेमाल नियमों के विपरीत वसूली के लिए किया गया, तो नगर परिषद से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
शहर के करीब आठ सैरातों से होती है वसूली
जानकारी के अनुसार, झुमरी तिलैया शहर में करीब आठ स्थानों पर सैरात की बंदोबस्ती की जाती है। इनमें पार्किंग के अलावा शहर में परिचालन करने वाले बड़े और छोटे व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूली तथा ऑटो और ई-रिक्शा से चुंगी वसूली भी शामिल है।
इन सैरातों से होने वाली वसूली नगर परिषद के राजस्व से जुड़ी होती है। ऐसे में नियमों के विपरीत वसूली या राशि के निजी खातों में जाने के आरोप गंभीर वित्तीय सवाल खड़े करते हैं।
बंदोबस्ती के बाद कर्मचारियों के नाम पर व्यवस्था का आरोप
मामले में आरोप है कि बंदोबस्ती की अवधि समाप्त होने के बाद भी सैरातों से वसूली जारी रखने के लिए नगर परिषद के कर्मचारियों के नाम से बंदोबस्ती निर्गत की गई थी। आरोप यह भी है कि जिन कर्मचारियों के नाम पर व्यवस्था की गई, उनके बजाय दूसरे लोगों से वसूली कराई जा रही थी।
वसूली से प्राप्त राशि निजी खातों में जमा किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। राजस्व निरीक्षक अभिषेक मेहता के खाते में राशि भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि यह आरोप सही है या नहीं, इसका निर्धारण पुलिस और संबंधित जांच टीम की जांच के बाद ही हो सकेगा।
पूर्व अध्यक्ष ने अधिकारियों के संरक्षण का लगाया आरोप
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश राम ने पूरे मामले में नगर परिषद के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कथित अवैध वसूली का काम अधिकारियों के संरक्षण में लंबे समय से होता रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग केवल मजदूर के तौर पर वाहनों से राशि वसूलने और उसे नगर परिषद से जुड़े अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करते थे। पूर्व अध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने की मांग की है।
सईद नसीम ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता और नगर परिषद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे सईद नसीम ने भी मामले को लेकर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नगर परिषद की ओर से सभी आठ सैरातों की बंदोबस्ती कर्मचारियों के नाम पर की गई थी और संबंधित लोगों ने वसूली के लिए दूसरे व्यक्तियों को लगा रखा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वसूली की राशि निजी खातों में ली जा रही थी। साथ ही उनका कहना है कि जांच की बात सामने आने के बाद कार्रवाई का सामना गरीब स्तर पर काम करने वाले लोगों को करना पड़ा।
जांच के लिए टीम गठित, सामने आएगा पूरा सच
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच के बाद वसूली करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की गई है।
अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कथित अवैध वसूली किस स्तर तक हुई, बरामद रसीदों का इस्तेमाल कैसे किया गया और राशि कहां-कहां जमा की गई। साथ ही रसीदों पर मौजूद मुहर और हस्ताक्षर से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी।


