Tuesday, October 13

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाओं के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध का ऐलान किया है। ABVP ने 11 अगस्त को रांची में विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है।

ABVP का आरोप है कि JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर विद्यार्थी शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। संगठन ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा करते हुए कई विद्यार्थियों की गिरफ्तारी का भी दावा किया है। ABVP ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के साथ भी बल प्रयोग और गिरफ्तारी की घटनाएं हुईं।

संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने की मांग

ABVP ने उन JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराने की मांग की है, जिनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार की भी मांग की गई है।

ABVP ने 10 अगस्त को हुए पुलिस बल प्रयोग की भी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया नहीं जा सकता।

11 अगस्त को हजारों छात्रों के जुटने का दावा

ABVP के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी के मुताबिक, 11 अगस्त को पुराने विधानसभा तिनकोनिया ग्राउंड से विधानसभा तक हजारों विद्यार्थी शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।

इस बीच JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति का दावा किया गया है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। 10 अगस्त को छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बनी।

वहीं, छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और परीक्षा विवाद से जुड़े फैसलों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में 11 अगस्त को प्रस्तावित ABVP के विधानसभा घेराव पर प्रशासन की भी नजर रहेगी। अब देखना होगा कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।

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