झारखंड की राजधानी रांची को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रांची नगर निगम ने शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब नगर निगम क्षेत्र के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीकरण के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के SWM पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, जो यह दर्शाता है कि शहर की स्वच्छता को लेकर निगम कितना गंभीर है।
स्वच्छ रांची की ओर एक ठोस कदम: महत्वपूर्ण बैठक
शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देना था। शहर के विभिन्न बल्क वेस्ट जनरेटरों (BWGs) के प्रतिनिधियों, नगर प्रबंधक और पीएमसी टीम के सदस्यों ने इसमें भाग लिया। यह बैठक रांची के पर्यावरण को बेहतर बनाने और कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
4 रंगों के डस्टबिन और बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीकरण की अनिवार्यता
अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अप्रैल 2026 से सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए अपने परिसरों में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन (हरा, नीला, लाल और काला) की व्यवस्था करना अनिवार्य है। इसका मुख्य लक्ष्य स्रोत स्तर पर ही गीले, सूखे और खतरनाक कचरे को अलग-अलग करना है। यह कदम कचरे के कुशल प्रसंस्करण और निपटान के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दोहराया कि रांची नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र बल्क वेस्ट जनरेटरों को अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के SWM पोर्टल पर अपना अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। यह एक कानूनी आवश्यकता है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। आप संबंधित जानकारी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के SWM पोर्टल पर जा सकते हैं।
किन्हें माना जाएगा बल्क वेस्ट जनरेटर?
नियमों के दायरे को स्पष्ट करते हुए बैठक में उन संस्थानों की जानकारी भी दी गई, जिन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इसमें वे सभी संस्थान शामिल हैं जिनका कुल निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है। इसके अलावा, ऐसे संस्थान जहाँ प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे अधिक पानी की खपत होती है, या फिर जो संस्थान रोजाना 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट (कचरा) उत्पन्न करते हैं, उन्हें भी इस श्रेणी में गिना जाएगा। इन सभी के लिए SWM पोर्टल पर बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीकरण कराना अब कानूनी रूप से अनिवार्य है। यह नियम विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और बड़े आवासीय परिसरों पर लागू होगा, जिन्हें अब अपनी कचरा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह से बदलना होगा।
कचरे का स्वयं प्रसंस्करण या जुर्माना: कड़े निर्देश
अपर नगर आयुक्त ने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी बल्क वेस्ट जनरेटर अपने परिसर में उत्पन्न होने वाले गीले और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) कचरे का स्वयं वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण (Processing) सुनिश्चित करें। यह कदम न केवल कचरे की मात्रा को कम करेगा बल्कि पर्यावरण पर इसके नकारात्मक प्रभाव को भी नियंत्रित करेगा। जो संस्थान इस व्यवस्था को अपने स्तर पर करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें ‘एक्सटेंडेड बल्क वेस्ट जनरेटर रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (EBWGR) के तहत किसी अधिकृत और पंजीकृत सेवा प्रदाता से अनुबंध कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। यह सुनिश्चित करना भी संबंधित संस्थान की जिम्मेदारी होगी कि अनुबंधित एजेंसी कचरे का निपटारा निर्धारित पर्यावरण मानकों के अनुरूप ही कर रही हो।
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया और भविष्य की चुनौतियाँ
बैठक के दौरान, नगर निगम के प्रतिनिधियों द्वारा SWM पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो भी दिखाया गया। इसका उद्देश्य संस्थानों को तकनीकी कठिनाइयों से बचाना और पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाना था। हालांकि, यह स्पष्ट है कि इस नए नियम का क्रियान्वयन कई संस्थानों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अभी तक पारंपरिक तरीकों पर निर्भर थे। उन्हें न केवल अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं में बदलाव करना होगा, बल्कि कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और नई बुनियादी ढाँचा विकसित करने में भी निवेश करना होगा।
अंत में, अपर नगर आयुक्त ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि निर्धारित नियमों और समयसीमा का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नगर निगम कानून सम्मत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इसमें भारी जुर्माना और अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हो सकते हैं। यह रांची नगर निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह शहर को वास्तव में स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार लाएगी, बल्कि नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाएगी और उन्हें अपने पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाएगी।
रांची के नागरिक और विभिन्न संस्थान इस नई व्यवस्था में सक्रिय रूप से सहयोग करें, ताकि हमारा शहर सचमुच एक स्वच्छ, सुंदर और रहने योग्य स्थान बन सके। बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीकरण के लिए समय पर कदम उठाना सभी के हित में है।


