रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आजसू ने मंगलवार को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में एक दिवसीय धरना दिया। धरने में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के साथ पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा गेट तक पहुंच गए थे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस की इस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने और कुछ के अस्पताल पहुंचने का दावा किया गया। इसी कार्रवाई के विरोध में आजसू ने धरना आयोजित किया।
धरने को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ही शिक्षा मंत्री भी हैं, इसलिए JPSC और JSSC से जुड़ा मामला सीधे सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी से जुड़ता है।
सुदेश महतो ने कहा कि JPSC और JSSC की ओर से आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं और इन मामलों में कई लोगों के पकड़े जाने की बात भी सामने आ चुकी है।अंततः यदि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है तो जिन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है, उन्हें पद से हटाकर उनके खिलाफ जांच की जानी चाहिए।
CBI जांच की मांग
आजसू सुप्रीमो ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी है, ऐसे में सरकार की किसी एजेंसी से निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसलिए मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से, विशेष रूप से CBI से कराई जानी चाहिए।
सरकार के सामने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का रास्ता है। छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय उन पर पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है।
बातचीत के बाद लाठीचार्ज पर सवाल
सुदेश महतो ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ दिन पहले सरकार की ओर से छात्रों की मांगों को समझने और सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही गई थी। इसके बावजूद सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए और कुछ छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
आजसू ने कहा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।
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