मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र स्थित बलिराजगढ़ में एक ASI पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग करने का आरोप है। इस घटना में विजय यादव की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए। वारदात के बाद से फरार चल रहे आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। उसकी सूचना देने वाले को ₹25 हजार का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ASI चंद्रमोहन सिंह एक महिला के घर पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें महिला के साथ कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। बताया जाता है कि लोगों ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ASI ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चार लोग घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां विजय यादव की मौत हो गई। तीन अन्य घायलों का इलाज जारी है।
आरोपी ASI निलंबित, सेवा से बर्खास्त करने की तैयारी
मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। फरार आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
मधुबनी के SP योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है। उसकी सूचना देने वाले को ₹25 हजार का इनाम दिया जाएगा। बाबूबरही थाने में चंद्रमोहन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। SP ने मामले में स्पीडी ट्रायल कराने की बात कही है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की है।
पहले भी फायरिंग और नाबालिग की मौत के मामले में आया था नाम
आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह इससे पहले मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम में प्रतिनियुक्त था। 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करी के संदेह में बाइक सवार दो युवकों का पीछा करने के दौरान पिरोखर एनएच पर पुल के पास डायल-112 वाहन की बाइक से टक्कर हो गई थी। इस हादसे में बाइक सवार एक नाबालिग की मौत हो गई थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था। उस समय डायल-112 वाहन में ASI चंद्रमोहन सिंह और चालक चंद्रदीप शास्त्री मौजूद थे। हालात को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की ओर से चार से पांच राउंड गोली चलाए जाने की बात भी सामने आई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन SP योगेंद्र कुमार ने ASI चंद्रमोहन सिंह और चालक चंद्रदीप शास्त्री को निलंबित कर दिया था। इस घटना को लेकर मधवापुर थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। मृतक नाबालिग के पिता ने ASI चंद्रमोहन सिंह और डायल-112 के चालक चंद्रदीप शास्त्री पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। वहीं, दो अन्य प्राथमिकी पुलिस पदाधिकारियों की ओर से दर्ज कराई गई थीं। इनमें एक बाइक सवार युवकों के पास से बरामद शराब से संबंधित थी, जबकि दूसरी पुलिस पर पथराव और मारपीट की घटना को लेकर दर्ज की गई थी।
बलिराजगढ़ में सुरक्षा के लिए तैनात था ASI
मई 2026 में बलिराजगढ़ खुदाई स्थल पर कुछ लोगों द्वारा काम प्रभावित करने और खुदाई में मिले पुरातात्विक अवशेषों की चोरी किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद SP और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक में वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया था।
इसके बाद से बलिराजगढ़ में एक ASI, तीन SAF जवान और दो चौकीदार तैनात किए गए थे। ड्यूटी के बाद पुलिसकर्मी आवासीय बालिका विद्यालय में रहते थे। इसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत वहां पुलिस पिकेट बनाई गई थी और ASI चंद्रमोहन सिंह की तैनाती की गई थी। अब इसी पुलिसकर्मी पर फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
