महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। ऐप के सह-संस्थापक और प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही इस मामले के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने की खबर आई थी। हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी को लेकर अभी तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत सरकार या जांच एजेंसियों को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। फिलहाल भारतीय अधिकारी अनौपचारिक माध्यमों से मिली जानकारी की पुष्टि करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं।
2023 में जारी हुआ था इंटरपोल रेड नोटिस, पहले भी दुबई में पकड़ा गया था
रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह पहले भी दुबई में हिरासत में लिया जा चुका है। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन करीब 45 दिनों बाद उसे रिहा कर दिया गया। जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने UAE को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा था। इसके बावजूद वह भारत नहीं लाया जा सका।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में उसके UAE छोड़कर वानुअतु (वानुआटू) में रहने की आशंका जताई गई थी। अब उसके दोबारा UAE लौटने और दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि वह किस रास्ते से दुबई पहुंचा और इतने समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा।
क्या है महादेव बेटिंग ऐप का पूरा मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) कथित तौर पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों के साथ अलग-अलग गतिविधियों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। इसका संचालन पैनल और फ्रेंचाइजी मॉडल के माध्यम से किया जाता था। देश के अलग-अलग हिस्सों में एजेंट और पैनल ऑपरेटर यूजर्स को जोड़ने तथा पैसों का लेन-देन संभालने का काम करते थे।
ED की जांच में आरोप लगाया गया है कि सट्टेबाजी से हासिल रकम को कई बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजा जाता था। एजेंसी ने सितंबर 2023 में अपनी जांच के दौरान 417 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित संपत्ति को फ्रीज और जब्त करने की जानकारी दी थी। मार्च 2026 में ED ने इस मामले में दुबई और दिल्ली स्थित करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को भी अटैच किया था।
सौरभ चंद्राकर को मिली 8 दिन की CBI रिमांड
इस पूरे मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी है। भारतीय एजेंसियों ने ओमान से उसका प्रत्यर्पण कराया और 3 नवंबर को उसे रायपुर लाया गया। 4 नवंबर को विशेष CBI अदालत ने पूछताछ के लिए उसे आठ दिनों की हिरासत में भेजने की अनुमति दी। जांच एजेंसियां उससे कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती हैं।
रवि उप्पल की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अब इस मामले में अगला अहम कदम होगी। यदि भारतीय एजेंसियां उसे भी भारत लाने में सफल रहती हैं, तो महादेव बेटिंग नेटवर्क के कथित वित्तीय तंत्र, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल को भी भारत लाया जा सकेगा? दोनों प्रमुख आरोपियों से पूछताछ इस कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट की पूरी कार्यप्रणाली और पैसों के नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
