नई दिल्ली। क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने युवा क्रिकेटरों के लिए एक अहम पहल की शुरुआत की है। बोर्ड ने अब युवा खिलाड़ियों में ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग को लेकर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी नई जूनियर क्रिकेट चयन समिति को सौंपने का फैसला किया है। इस नई समिति की घोषणा बीसीसीआई की अगली वार्षिक आम बैठक में की जाएगी।
पांच पदों के लिए मांगे गए आवेदन
बीसीसीआई ने जूनियर क्रिकेट समिति में पांच पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिनकी अंतिम तारीख पांच सितंबर तय की गई है। बोर्ड ने युवा क्रिकेटरों में मजबूत नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना अपनी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल किया है। इसके तहत सीनियर और पूर्व खिलाड़ियों के साथ सीधी बातचीत के जरिए ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे मुद्दों पर जागरूकता पैदा की जाएगी।
“कम उम्र में ही शुरू हो शिक्षा” – बीसीसीआई अधिकारी
गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से बात करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को आसानी से बरगलाया जा सकता है, क्योंकि अंडर-19 खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी मात्रा में पैसा और प्रसिद्धि दांव पर लगी होती है। इसलिए उन्हें कम उम्र से ही इन खतरों के प्रति शिक्षित करना जरूरी है।
मौजूदा समिति का पांच साल का कार्यकाल पूरा
नई समिति मौजूदा पैनल की जगह लेगी, जिसमें एस शरथ (दक्षिण, अध्यक्ष), कृष्ण मोहन (उत्तर), राणादेब बोस (पूर्व), पथिक पटेल (पश्चिम) और हरविंदर सिंह सोढ़ी (मध्य) शामिल हैं। इस समिति को सितंबर 2021 में नियुक्त किया गया था और अब इसका पांच साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। मौजूदा समिति की आखिरी जिम्मेदारी जूनियर ईरानी कप के लिए शेष भारत की अंडर-23 टीम का चयन करना होगी, जिसका मुकाबला सीके नायडू चैंपियन से होगा।
अंडर-22 टीमों का चयन करेगी नई समिति
नई समिति कोचिंग शिविरों के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए अंडर-22 तक की टीमों का चयन करेगी और एक मजबूत प्रतिभा पूल तैयार करने में मदद करेगी। इन पदों के लिए वही पूर्व खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों और कम से कम पांच साल पहले संन्यास लिया हो।


