रांची: राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ रही है। अब संक्रमण की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं। रांची में स्वाइन फ्लू से संक्रमित पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें भागलपुर का पांच माह का एक नवजात भी शामिल है। बच्चों में संक्रमण की पुष्टि ऐसे समय हुई, जब उन्हें पहले से निमोनिया की शिकायत थी।
जानकारी के अनुसार, बच्चों की तबीयत खराब होने पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद संक्रमित बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
बुखार-खांसी से लेकर सांस लेने में परेशानी तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू के दौरान अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों में उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।
हालांकि कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। सांस लेने में परेशानी, सांस का तेज चलना, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती, पानी या दूध नहीं पी पाना, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना और तेजी से बिगड़ती तबीयत गंभीर संकेत माने जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बच्चे को तत्काल चिकित्सकीय उपचार दिलाना जरूरी है।
रिम्स और सदर अस्पताल अलर्ट मोड पर
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। रिम्स और सदर अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। रिम्स में संक्रमित मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इसके तहत कॉटेज के ग्राउंड फ्लोर को स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विशेष रूप से दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाले मरीजों को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का फोकस संक्रमण की पहचान और संक्रमित मरीजों के लिए आवश्यक उपचार एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
बच्चों में संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और बढ़ गई है। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि बच्चों में दिखने वाले सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें, खासकर तब जब उनकी हालत तेजी से बिगड़ रही हो।
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