23 किलो सोना और 43 लाख रुपये की लूट मामले में जांच तेज, आरोपी अक्षय उर्फ साका से संपर्क होने का संदेह
झारखंड के जमशेदपुर में केनरा बैंक से करोड़ों रुपये के सोने और नकदी की लूट के मामले में पुलिस की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। इस मामले में झारखंड पुलिस की विशेष टीम ने बिहार के पटना जिले के बाढ़ इलाके में छापेमारी कर एक ग्रामीण चिकित्सक को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है। वह बाढ़ थाना क्षेत्र के बहरामा गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस ने शनिवार को पंडारक थाना क्षेत्र के सरहन गांव में कार्रवाई की। जांच एजेंसियों को संदेह है कि नीतीश कुमार का बैंक डकैती के आरोपी अक्षय कुमार उर्फ साका से संपर्क रहा है। इसी कड़ी को खंगालने के लिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि, इस मामले में उसकी संलिप्तता अभी साबित नहीं हुई है।
23 किलो सोना और 43 लाख रुपये लूटकर फरार हुए थे अपराधी
यह पूरी वारदात 24 सितंबर को जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में हुई थी। गोलमुरी के मस्जिद रोड स्थित केनरा बैंक में सुबह करीब 9:15 बजे पांच हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया था। अपराधी बारिश के दौरान रेनकोट पहनकर बैंक पहुंचे थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।
बैंक में घुसते ही अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया और हथियारों के बल पर बैंककर्मियों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्होंने गोल्ड लोन सेफ और बैंक चेस्ट को निशाना बनाया। अपराधी वहां से करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए थे।
लूटे गए सोने की कीमत करीब 33 करोड़ रुपये आंकी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दो बाइकों से मौके से भाग निकले थे। दिनदहाड़े बैंक में हुई इस बड़ी लूट से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
आरोपी अक्षय उर्फ साका से संपर्क की जांच
बैंक डकैती के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसी जांच के दौरान पुलिस को बिहार के बाढ़ इलाके तक कुछ सुराग मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस को शक है कि हिरासत में लिए गए ग्रामीण चिकित्सक नीतीश कुमार का आरोपी अक्षय कुमार उर्फ साका से संपर्क था। इसी आधार पर उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैंक लूट के बाद आरोपियों को किसी तरह की मदद, ठिकाना या अन्य सहयोग तो नहीं मिला था।
बिहार तक फैले नेटवर्क की तलाश में पुलिस
जमशेदपुर बैंक डकैती की रकम और सोने की भारी मात्रा को देखते हुए पुलिस इस मामले में संभावित सहयोगियों और आरोपियों के संपर्कों की भी जांच कर रही है। बिहार में की गई छापेमारी को इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि, ग्रामीण चिकित्सक की गिरफ्तारी या बैंक डकैती में उसकी भूमिका को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसका इस लूटकांड से वास्तव में क्या संबंध है।
फिलहाल पुलिस का ध्यान लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी के साथ-साथ फरार आरोपियों तक पहुंचने पर है। इस मामले में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
