Wednesday, October 14
रांची: JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन के दौरान पिछली शाम हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा के आह्वान पर मंगलवार को झारखंड बंद का असर राजधानी रांची में साफ देखने को मिल रहा है। छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती के विरोध में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए हैं।
पिस्का नगड़ी से लेकर रातू रोड और हरमू चौक तक कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करते नजर आए। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कई जगहों पर बंद के समर्थन में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी बंद कराया गया।

सड़कों पर उतरे वरिष्ठ भाजपा नेता

बंद को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू भी कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरे। भाजपा नेताओं ने छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
भाजपा का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने उचित तरीके से संवाद करने के बजाय बल प्रयोग किया। इसी के विरोध में पार्टी ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

कई इलाकों में प्रदर्शन, पुलिस की तैनाती

बंद के दौरान रांची के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बढ़ी हुई है। पिस्का नगड़ी, रातू रोड, हरमू चौक समेत कई इलाकों में प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर सड़क पर टायर जलाकर यातायात प्रभावित करने की भी कोशिश की गई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी की जा रही है।

छात्र आंदोलन बना बंद का केंद्र

दरअसल, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच टकराव हुआ था और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
इसी पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों के साथ हुए व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है और सरकार को उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
फिलहाल रांची की सड़कों पर जारी भाजपा का प्रदर्शन इस बात का संकेत दे रहा है कि छात्र आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की सियासत का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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