झारखंड के 6,722 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी नया मतदाता जोड़ने का फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है। इनमें सबसे खराब स्थिति राजधानी रांची की है, जहां 1,209 केंद्रों पर कोई आवेदन नहीं आया। इसके बाद पलामू में 592, हजारीबाग में 572, गिरिडीह में 416 और धनबाद में 392 बूथ ऐसे हैं जहां शून्य आवेदन आए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत नये और युवा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
एक से पांच आवेदन वाले केंद्रों की संख्या भी अधिक
धनबाद में 1,243, गिरिडीह में 1,072, रांची में 981, पलामू में 936 और हजारीबाग में 814 मतदान केंद्रों पर एक से पांच फॉर्म-6 ही प्राप्त हुए हैं। सीईओ ने इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए बूथवार गहन समीक्षा के निर्देश दिए हैं। बता दें कि 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित हुआ था, और फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। अनुमान के अनुसार हर बूथ पर औसतन 60 आवेदन आने चाहिए थे, ऐसे में शून्य या बेहद कम आवेदन चिंता का विषय बना हुआ है।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियान, फर्जी वंशावली पर कार्रवाई
सीईओ ने बीएलओ को घर-घर जाकर नये पात्र नागरिकों की पहचान करने और स्कूल-कॉलेजों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। वहीं, एसआइआर के दौरान दूसरे के खतियान से फर्जी वंशावली बनाकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की कोशिश को गंभीर अपराध माना गया है। लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा-31 के तहत गलत घोषणा देने पर एक वर्ष तक की कैद या जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
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