रांची, 18 सितंबर। सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘आइडियाथॉन 2026’ का आयोजन किया गया। “कन्वर्टिंग आइडियाज़ इनटू इम्पैक्ट” विषय पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक एवं समकालीन चुनौतियों की पहचान कर नवाचार आधारित समाधान विकसित करने तथा अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देना था।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल ज्ञान अर्जित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से रचनात्मकता और नवाचार के माध्यम से सामाजिक आवश्यकताओं को समझकर भविष्य के लिए समाधान विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रमुख
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ का शुभारंभ रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा उनके विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता के अवसरों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने रचनात्मक सोच और अनुप्रयोग आधारित शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने पर जोर दिया। वाणिज्य संकाय के डीन एवं आईआईसी अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में फ्लोक्सस
कार्यक्रम में फ्लोक्सस शिक्षा-प्रौद्योगिकी नव उद्यम के संस्थापक एवं बीआईटी मेसरा के पूर्व छात्र हृतिक शुभम तथा ए-स्क्वेयर्ड के निदेशक एवं आईआईएम रांची के पूर्व छात्र प्रवीण शर्मा ने भी अपने उद्यमशील अनुभव साझा किए।
आइडियाथॉन में कुल 77 टीमों ने पंजीकरण कराया। सामाजिक मुद्दे, पर्यावरण एवं स्थिरता, प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने विचार प्रस्तुत किए। छह समानांतर सत्रों में प्रस्तुतियां हुईं। उत्कृष्ट टीमों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः ₹5,000, ₹3,000 और ₹2,000 निर्धारित हैं। विजेताओं की घोषणा 23 सितंबर को होगी। कार्यक्रम का समापन डॉ. मनोज पांडेय के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
