धनबाद। दीपावली के त्योहार की तैयारियों के बीच संस्थान आनंद मंगल की ओर से इस वर्ष दो दिवसीय ‘दीपोत्सव महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होगा। मेले में लोगों को एक ही छत के नीचे दीपावली से जुड़ी खरीदारी के साथ खान-पान और विभिन्न आकर्षक स्टॉल का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार दीपोत्सव महोत्सव को केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके जरिए महिलाओं को अपने हुनर और कारोबार को प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिला प्रतिभागियों को अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
एक छत के नीचे दीपावली की खरीदारी
दीपावली के दौरान घरों को सजाने से लेकर पूजा सामग्री और अन्य सामानों की खरीदारी के लिए लोगों को अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। दीपोत्सव महोत्सव में इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए जाएंगे।
आयोजकों के मुताबिक मेले में दीपावली से संबंधित सामग्री के अलावा खान-पान और आकर्षक उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे लोगों को त्योहार की खरीदारी के साथ खाने-पीने और घूमने का भी मौका मिलेगा।
दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में परिवार के साथ पहुंचकर लोग अलग-अलग स्टॉल देख सकेंगे और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे।
महिलाओं के हुनर को मिलेगा बाजार
दीपोत्सव महोत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को मंच उपलब्ध कराना है। संस्थान आनंद मंगल के अनुसार कई महिलाएं अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार करती हैं या छोटे स्तर पर अपना कारोबार करती हैं, लेकिन उन्हें अपने उत्पादों को बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त मंच नहीं मिल पाता।
ऐसे में महोत्सव के जरिए महिलाओं को अपने उत्पाद और हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग करना है।
आयोजकों का कहना है कि महिला उद्यमियों को मंच मिलने से उन्हें नए ग्राहकों से जुड़ने और अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
मेले की आय से बच्चों की पढ़ाई में मदद
दीपोत्सव महोत्सव की खास बात यह है कि इससे होने वाली आय का उपयोग सामाजिक कार्यों में किया जाता है। आनंद मंगल की ओर से बारामुड़ी में करीब 100 बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
इसके अलावा महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल सिखाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। इनमें सिलाई, कंप्यूटर, मेहंदी और ब्यूटीशियन जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं।
संस्थान का उद्देश्य इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को ऐसा कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी क्षमता के अनुसार काम शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
‘दीपोत्सव की रोशनी सपनों तक पहुंचे’
कार्यक्रम को लेकर आनंद मंगल की अध्यक्ष अलका मित्तल ने कहा कि दीपोत्सव की रोशनी महिलाओं के सपनों और बच्चों के भविष्य तक पहुंचे, यही संस्था का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशी केवल खरीदारी और उत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक भी इसका लाभ पहुंचे। इसी सोच के साथ दीपोत्सव महोत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा गया है।
खरीदारी के साथ सामाजिक उद्देश्य भी
आनंद मंगल का यह आयोजन एक तरफ लोगों को दीपावली की खरीदारी के लिए एक जगह पर विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर महिला आत्मनिर्भरता और बच्चों की शिक्षा से जुड़े कार्यों को सहयोग देने का माध्यम भी है।
27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव महोत्सव में खरीदारी, खान-पान और विभिन्न स्टॉल के साथ सामाजिक उद्देश्य भी जुड़ा रहेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि शहर के लोग बड़ी संख्या में मेले में पहुंचेंगे और महिला उद्यमियों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ इस सामाजिक पहल में भी सहभागी बनेंगे।
