Tuesday, October 13

धनबाद: वोटों की कथित चोरी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच बुधवार को धनबाद में इंडिया गठबंधन की ओर से विरोध मार्च निकाला गया। ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ के नारे के साथ कांग्रेस, राजद और वामदलों के नेता एवं कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। रणधीर वर्मा चौक से शुरू हुआ पैदल मार्च डीआरएम चौक तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और अपनी-अपनी पार्टी के झंडे लेकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और कथित मतदाता सूची संबंधी अनियमितताओं को लेकर नारेबाजी की। विरोध मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

वोट की सुरक्षा को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं का दावा है कि भाजपा पर वोटों की चोरी के आरोप लग रहे हैं और इसी तरह की कथित अनियमितताओं के कारण सरकार बनाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए वहां भी वोटों की कथित चोरी होने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए हैं और इनके संबंध में संबंधित चुनावी संस्थाओं या अन्य सक्षम प्राधिकरण की ओर से तथ्यात्मक निष्कर्ष अलग विषय है।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव और मतदाता का वोट सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

राहुल गांधी से कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा भी उठा

विरोध मार्च के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की की घटना का भी मुद्दा उठाया गया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस घटना को लेकर सवाल खड़े किए और केंद्र सरकार की भूमिका पर निशाना साधा।

नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज और नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर भी नारेबाजी की।

महिला नेत्रियों ने उठाया महिला वोट की सुरक्षा का सवाल

प्रदर्शन में शामिल महिला नेत्रियों ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता के वोट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो महिलाओं के मतदान अधिकार और उनकी राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

महिला नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र खतरे में है और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग भी उठाई।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

इंडिया गठबंधन के प्रदर्शनकारियों ने आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच किसी भी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए और मतदाताओं का भरोसा कायम करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार और चुनाव आयोग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

पुतला दहन के बाद खत्म हुआ मार्च

रणधीर वर्मा चौक से शुरू हुआ मार्च डीआरएम चौक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

पूरे प्रदर्शन में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ का नारा प्रमुख रहा। कांग्रेस, राजद और वामदलों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे संयुक्त विपक्षी प्रदर्शन का रूप दिया।

धनबाद में हुए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए इंडिया गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और कथित वोटों की अनियमितता को लेकर अपनी राजनीतिक आपत्ति दर्ज कराई। अब देखना होगा कि गठबंधन की ओर से उठाए गए इन मुद्दों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और आंदोलन आगे किस रूप में बढ़ता है।

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