बोकारो: गोमिया प्रखंड के पचमो स्थित केबीपी ओसीपी में संपर्क सड़क और कोयला प्रेषण से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के विकास की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर गुरुवार को डीसी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समाहरणालय में बैठक हुई। इसमें प्रस्तावित सड़क और कोल स्टॉक यार्ड निर्माण से जुड़े पहलुओं के साथ पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा पर चर्चा की गई।

बैठक में सीसीएल प्रबंधन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की मौजूदा स्थिति, प्रस्तावित सड़क, कोल स्टॉक यार्ड और भूमि की उपलब्धता की जानकारी दी। इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों से पहले हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्ग और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था का सर्वेक्षण कराया जाए।
हाथियों के आवागमन और जल निकासी का रखा जाएगा ध्यान
डीसी ने निर्देश दिया कि प्रस्तावित सड़क निर्माण से हाथी कॉरिडोर प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया या किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी से विस्तृत सर्वेक्षण कराने को कहा गया। सर्वेक्षण में वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम भी शामिल रहेगी। प्राकृतिक जल प्रवाह और नदी-नालों की निकासी बाधित न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार कल्वर्ट निर्माण की योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
खनन के साथ माइंस क्लोजर और पौधरोपण पर जोर
बैठक में डीसी ने खनन गतिविधियों के साथ ही माइंस क्लोजर की प्रक्रिया समानांतर रूप से चलाने पर जोर दिया। इसके लिए वन पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों की जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करेगी। पौधरोपण में स्थानीय वन प्रजातियों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
सीएसआर योजनाओं को जिला स्तर पर मिलेगी मंजूरी
सीसीएल की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों को जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराने को कहा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी योजनाएं जिले की प्राथमिकताओं के अनुरूप संचालित की जाएंगी।
इसके अलावा परियोजना से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए मासिक बैठक और प्रत्येक तीन महीने में जिला स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, वन पदाधिकारी संदीप शिंदे, सीसीएल के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


