Wednesday, September 23

Ex CM रघुवर दास का सपना आज चकनाचूर हो गया. मोराबादी मैदान में बनने वाले टाइम्स स्क्वायर में तो काफी पहले ग्रहण लग चुका था लेकिन उसके बावजूद रांची के लोग वर्ल्ड कप मैच या राज्य में होने वाले मैच या अन्य गतिविधियों को इन एलईडी स्क्रीन पर देख परिवार के साथ आनंद लेते थे. लेकिन, सोमवार को मोराबादी मैदान टाइम्स स्क्वायर में लगे एलईडी स्क्रीन को हटा दिया गया. संभव है जल्द ही हाईमास्ट लाइट भी हटा दी जाए जिसके बाद पूरा मोराबादी अंधेरे में डूब सकता है.

क्या था रघुवर दास का सपना

Ex CM रघुवर दास का सपना था कि रांची के मोराबादी मैदान को टाइम्स स्क्वायर के रूप में विकसित किया जाए. इसके लिए मैदान के दाएं और बाएं तरफ छह एलईडी स्क्रीन लगाया गया. मैदान में बने मुख्य स्टेज के बाएं तरफ (ऑक्सीजन पार्क की ओर) करीब 12 मीटर पीछे और दाएं तरफ करीब 30 मीटर पीछे हटाकर एलईडी स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव भी बनाया गया था. मुख्य स्टेज का आकार बढ़ाकर स्टेज के चारों तरफ डेकोरेटिव लाइट लगाए जाने थे.तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नगर विकास विभाग और जुडको के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया था.

न्यूयार्क के टाइम स्क्वायर की तर्ज पर होना था बदलाव

तत्कालीन सीएम रघुवर दास ने उस समय कहा था कि न्यूयॉर्क में बने टाइम्स स्क्वायर में चारों ओर आकर्षक लाइटिंग की गई है, इसलिए वह स्थल टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित हो गया है.मोरहाबादी मैदान को भी वैसा ही विकसित करना है. लेकिन मैदान का क्षेत्रफल कम करके कोई काम नहीं होगा.

यह थी प्लानिंग, फूंके गए आम जनता के करोड़ो रुपये

मैराबादी मैदान की सुंदरता बढ़ाने के लिए वहां पेवर्स ब्लॉक लगाकर जॉगिंग ट्रैक बनाना था. मुख्यमंत्री ने कहा था कि मोराबादी मैदान को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा. मैदान की लेवलिंग करके कुछ स्थानों पर पेवर्स ब्लॉक लगाए जाएंगे. मैदान के चारों ओर पेवर्स ब्लॉक लगाकर जॉकिंग ट्रैक बनाएं और घास लगाकर हरियाली लाई जाएगी. संभव हो तो मैदान के बाएं तरफ राउंड टेबल और बेंच लगाए जाने थे ताकि लोग परिवार के साथ वहां आएं तो बैठने के लिए जगह मिले. मैदान के चारों ओर लगे पेड़ के पास मिट्टी भरकर का जड़ों को मजबूत रखना था. पेड़ के ऊपर रंग-बिरंगी लाइटें लगानी थीं ताकि देर रात तक भी लोग यहां घूम सके.

140 वेंडर्स के लिए बननी थी दुकानें

140 अस्थाई कियोस्क बनाकर दुकानदारों को दी जानी थी जिसमें 20 फीसदी राशि दुकानदारों को देनी थी. ऑक्सीजन पार्क की ओर 140 अस्थाई दुकानें बनाकर मोरहाबादी में लगने वाले फूड वैन, जूस व टी स्टॉल के संचालकों को दिया जाना था लेकिन वर्तमान सरकार ने वेंडर मार्केट ही दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया.

सरकारों के बदलते रहने से डूब जाते हैं आम जनता के टैक्स के रुपए

सरकारों के बदल जाने से अगर इस तरह प्लानिंग बदलते रहे तो हर पांच साल में आम जनता के टैक्स के रूप में भरे गए करोड़ों रुपए डूबते रहेंगे. आम लोगों की गाढ़ी कमाई से भरे गए टैक्स के रुपयों से नई नई प्लानिंग बनाई जाती हैं फिर उनपर अमल करने के लिए करोड़ों फूंके जाते हैं उसके बाद उस पूरी प्लानिंग को ही खत्म के दिया जाता है. पूर्व में बने स्लाटर हाऊस समेत कई ऐसे उदाहरण हैं.

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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