काठमांडू। नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे इलाके में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चीन सीमा के पास तैनात कई जवान लापता हैं। नेपाल सरकार ने 105 भारतीय पर्यटक की लापता होने की खबर दी है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि रसुवा के पहाड़ी जिले में स्याप्रु बेसी और तिमुरे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। साथ ही उन्होंने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है।
नुकसान का अभी पक्का अनुमान नहीं
जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया कि गांवों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइट्स के बहने की खबरें मिली हैं, लेकिन अभी जान-माल के नुकसान का पक्का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने आशंका जताई कि नुकसान काफी बड़ा हो सकता है।
राहत-बचाव कार्य में जुटीं पुलिस और सेना
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि बचाव और राहत टीमों के साथ पुलिस और सेना को भी राहत कार्य में लगाया गया है और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
28 पुलिसकर्मी लापता
बाढ़ के कारण सुरक्षा बल के 28 जवान लापता हो गए हैं, जिनमें 19 नेपाल पुलिस और नौ आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के जवान शामिल हैं। रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट पर तैनात 22 में से 13 पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा, जबकि तिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात एपीएफ के नौ जवान भी संपर्क से बाहर हैं।
भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे भारत में गंडक नदी बनती है। पिछले साल भी इस नदी में आई बाढ़ में नौ लोगों की मौत हुई थी और नेपाल-चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज बह गया था।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
किसी भी आपात स्थिति में पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर 06254-247003 और 06254-247002 पर संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। 160 किलोमीटर दूर नेपाल में बढ़े नदी के जलस्तर के बाद अब बिहार में गंडक के बहाव और जलस्तर पर सबकी नजर है।
