दिनकर नगर और सूर्या नगर के लोगों के आवेदन पर बड़ा बाजार थाना में दर्ज हुआ मामला, जेसीबी ऑपरेटर समेत अन्य भी आरोपी; पुलिस ने शुरू की जांच
हजारीबाग। झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत कई लोगों के खिलाफ हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण, हरे-भरे पेड़ों की कटाई और नाली के पानी की निकासी से जुड़े विवाद से संबंधित है। दिनकर नगर और सूर्या नगर के स्थानीय लोगों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 260/26 के तहत मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, जेसीबी मशीन के ऑपरेटर समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी दारोगा खालिद इकबाल को सौंपी है।
स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद दर्ज इस मामले में सरकारी जमीन के उपयोग, विवादित स्थल पर निर्माण गतिविधियों और आसपास के पर्यावरण से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का अनुसंधान पूरा होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शादी का पंडाल लगाने के नाम पर जमीन पर कब्जे का आरोप
स्थानीय लोगों की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शहर के पूर्वी-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक विवादित स्थल पर शादी का पंडाल लगाने के नाम पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित जमीन के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई है और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में जमीन पर हो रही गतिविधियों को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जमीन की वास्तविक स्थिति और उस पर अधिकार से जुड़े पहलुओं की जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न बढ़े। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
नाली के पानी की निकासी को लेकर भी विवाद
इस विवाद में नाली के पानी की निकासी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि नाली का पानी लगातार संबंधित स्थल पर बहता रहा, तो भविष्य में जमीन के खनन अथवा धंसने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। शिकायतकर्ताओं ने इस आशंका को देखते हुए पानी की निकासी की व्यवस्था और जमीन की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तरह की समस्या का समय रहते समाधान जरूरी है, ताकि आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भविष्य में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। हालांकि, जमीन पर पानी के प्रभाव और धंसने की आशंका को लेकर अभी किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट की जानकारी सामने नहीं आई है।
खास महल की जमीन पर चारदीवारी बनाने का भी आरोप
आवेदन में विवादित स्थल के बगल में स्थित खास महल की जमीन पर चारदीवारी निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित जमीन पर अधिकार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जमीन की स्थिति और उस पर निर्माण से जुड़े तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग की थी कि संबंधित जमीन के दस्तावेजों, स्वामित्व और उपयोग की स्थिति की पड़ताल कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और निर्माण गतिविधियों की जांच को महत्वपूर्ण बताया गया है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना भी जरूरी होगा।
पेड़ों की कटाई के आरोपों की भी होगी जांच
मामले में हरे-भरे पेड़ों की कटाई का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित स्थल पर पेड़ों को काटे जाने और जमीन पर चल रही गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
पुलिस ने शुरू की जांच, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
बड़ा बाजार थाना में कांड संख्या 260/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 191(2), 329(3), 329(4), 351(2) और 190(3) का उल्लेख किया गया है। मामले की जांच दारोगा खालिद इकबाल को सौंपी गई है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित परिस्थितियों की जांच करेगी। इसमें जमीन की स्थिति, कथित अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई और नाली के पानी की निकासी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला जांच के दायरे में है। आरोपों को अभी साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर साफ हो सकेगी।
