गणेश उत्सव के समापन का दिन करीब आ गया है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाने वाली अनंत चतुर्दशी इस बार 25 सितंबर 2026 को है। इसी दिन दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा और भक्त विधि-विधान से पूजा के बाद बप्पा को विदा करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की भी परंपरा है।
तिथि और रवि योग
चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:19 बजे शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11:07 बजे समाप्त होगी। इस दिन रवि योग भी बन रहा है, जो सुबह 6:11 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल मिलता है। शूल योग सुबह से दोपहर 2:51 बजे तक रहेगा, उसके बाद गण्ड योग शुरू होगा। शतभिषा नक्षत्र सुबह 11:22 बजे तक रहेगा, फिर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र लगेगा।
विसर्जन के शुभ मुहूर्त
लाभ चौघड़िया: सुबह 7:41 से 9:11 बजे तक
अमृत चौघड़िया: सुबह 9:11 से 10:42 बजे तक
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:12 से 1:43 बजे तक
लाभ चौघड़िया: रात 9:14 से 10:44 बजे तक
पूजा और विसर्जन विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। विदाई से पहले मंदिर में घी का दीपक जलाएं और गणेश प्रतिमा के पास बैठकर ‘ओम गं गणपतये नमः’ मंत्र का जप करें। संभव हो तो 108 बार जप करना उत्तम माना जाता है। इसके बाद धूप-दीप, फूल और नैवेद्य अर्पित करें, गणेश चालीसा का पाठ करें और श्रद्धापूर्वक आरती करें। अंत में भोग लगाकर उत्सव के दौरान हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें। पूजा के बाद प्रतिमा को घर के समीप किसी पवित्र नदी में ले जाकर विसर्जित करें।
इसे भी पढ़े – यूपीआई से 2,000 रुपये तक पेट्रोल खरीदने पर नहीं लगेगा एमडीआर
