अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस खराब होने और स्टार्ट नहीं होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए।
गुमला के चैनपुर सीएचसी पर लापरवाही का आरोप, ऑक्सीजन और एंबुलेंस के अभाव में 9वीं की छात्रा शिवानी कुमारी की मौत।
गुमला। गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली ने एक 15 वर्षीय छात्रा की जिंदगी छीन ली। सिरदर्द और लगातार उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल लाई गई नौवीं कक्षा की छात्रा शिवानी कुमारी की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय रहते एंबुलेंस और ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी जाती, तो उसकी जान बच सकती थी।
परिजनों के अनुसार, छात्रा की हालत लगातार बिगड़ रही थी। चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस खराब होने और स्टार्ट नहीं होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद परिजन करीब एक से दो घंटे तक अस्पताल परिसर में मदद की आस लगाए बैठे रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
आरोप है कि मजबूरी में पिता ने निजी पिकअप वैन का इंतजाम किया, लेकिन गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल की ओर से ऑक्सीजन सिलेंडर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। रास्ते में छात्रा की हालत और बिगड़ती गई और उसने अपने माता-पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में एंबुलेंस और आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो एक मासूम छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
