Wednesday, October 14

रांची। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के आसपास की गई भारी बैरिकेडिंग को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम लोगों के आवागमन को बाधित करना और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करना उचित नहीं है।

शोभा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के आसपास बड़े स्तर पर बैरिकेडिंग किए जाने से स्कूली बच्चों, अभिभावकों, कर्मचारियों और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर रास्ते बाधित होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों से जाना पड़ रहा है और अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि सुबह के समय सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को हो रही है। ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बनाना चाहिए।

‘छात्र सवाल पूछ रहे हैं तो सरकार को जवाब देना चाहिए’

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड में छात्र और युवा अपने भविष्य, परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और रोजगार से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना उनका अधिकार है।

उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर छात्रों की मांगों में कोई तथ्य नहीं है तो सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए और तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग खड़ी करने या रास्ते रोकने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालना ज्यादा प्रभावी तरीका है।

शोभा यादव ने कहा कि छात्र किसी सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि राज्य का भविष्य हैं। उनके मन में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अगर कोई सवाल या आशंका है तो सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी बात सुने और स्थिति स्पष्ट करे।

बैरिकेडिंग की समीक्षा की मांग

भाजपा ने सरकार से मुख्यमंत्री आवास के आसपास की गई बैरिकेडिंग की समीक्षा करने की मांग की है। शोभा यादव ने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के आवागमन को सुचारु रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने छात्रों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाने और उनकी मांगों पर खुले मन से चर्चा करने की भी मांग की।

शोभा यादव ने कहा कि सरकार को डर और अवरोध की राजनीति के बजाय संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाने से छात्रों के सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि उन सवालों का जवाब देने और समाधान निकालने से स्थिति सामान्य होगी।

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