Friday, October 23
रांची। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, रांची की ओर से आयोजित गुरमत सिखिया कैंप का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। 18 अक्टूबर 2026 से आयोजित इस कैंप में बच्चों को सिख इतिहास, सिखी की परंपराओं और नैतिक सिद्धांतों की जानकारी दी गई। कैंप के दौरान बच्चों ने धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ कीर्तन गायन, अरदास, कविता, भाषण और दस्तार सजाओ जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सिख धर्म की शिक्षाओं, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना था।

समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कैंप में शामिल प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए धार्मिक ज्ञान, अभिव्यक्ति कौशल और रचनात्मकता का परिचय दिया। आयोजकों ने बच्चों की भागीदारी और उनके प्रदर्शन की सराहना की।

सिख इतिहास और नैतिक मूल्यों का दिया गया प्रशिक्षण

गुरमत सिखिया कैंप में बच्चों को सिख इतिहास, गुरुओं की शिक्षाओं और सिखी के नैतिक सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताया गया। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को उनकी समझ के अनुसार प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे धर्म की मूल शिक्षाओं को समझ सकें और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित हों।

कैंप में ज्ञानी गुरविंदर सिंह, प्रचारक शिरोमणि कमेटी, ज्ञानी आकाशदीप सिंह और प्रो. हरमिंदर वीर सिंह ने बच्चों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान धार्मिक शिक्षा के साथ कीर्तन, अरदास और सिख परंपराओं से संबंधित गतिविधियों पर भी जोर दिया गया।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह के शिविर बच्चों में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अनुशासन, सेवा भावना और नैतिक जिम्मेदारी जैसे गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भाषण प्रतियोगिता में इन बच्चों ने हासिल किए स्थान

कैंप के दौरान आयोजित भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी बात रखने की क्षमता और विषय की समझ का परिचय दिया। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया था।

ग्रुप A (8 वर्ष तक) में हरनीर कौर ने प्रथम, अंशदीप सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चे का नाम उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

ग्रुप B (8 वर्ष से ऊपर) में तेजबीर सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया। दिललीन कौर दूसरे और परमीत सिंह तीसरे स्थान पर रहे। विजेता प्रतिभागियों को उनके प्रदर्शन के लिए सराहा गया।

दस्तार सजाओ प्रतियोगिता में जसकरण सिंह प्रथम

बच्चों को सिख परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से दस्तार सजाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 12 वर्ष तक के बच्चों के ग्रुप C में जसकरण सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीवन ज्योत सिंह दूसरे और मनप्रीत सिंह तीसरे स्थान पर रहे।

इसके अतिरिक्त चित्रांकन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कीर्तन गायन और अरदास जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को धार्मिक परंपराओं को सीखने और समझने का अवसर मिला।

कैंप में शुभकरण कौर को सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागी के रूप में सम्मानित किया गया। उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए गुरुद्वारा की ओर से सम्मान प्रदान किया गया।

सहयोगी संस्थाओं के प्रति जताया आभार

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव ज्ञानी गगनदीप सिंह सेठी ने कैंप के सफल आयोजन में सहयोग देने वाली संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुनानक स्कूल, गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, गुरुनानक अस्पताल, स्त्री सत्संग सभा और स्त्री सत्संग स्टेशन रोड के सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं शैक्षणिक आयोजनों की सफलता सामूहिक प्रयासों से संभव होती है। कैंप में विभिन्न सदस्यों और सहयोगियों ने अपनी भूमिका निभाई।

इस अवसर पर त्रिलोचन सिंह ध्यान सिंह, गुरदीप सिंह टिवाना, सुरजीत सिंह सलूजा, रणप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, कुलदीप सिंह दीपक, हरजीत सिंह, परमजीत सिंह चाना, पार्षद परमजीत सिंह, रणजीत सिंह हैप्पी, तविंदर सिंह, सतपाल सिंह, राजपाल, हरमीत सिंह खुराना, सुरेंद्र सिंह और गुरप्रीत सिंह जग्गी सहित अन्य लोग मौजूद रहे और कैंप की सफलता में योगदान दिया।

स्वयंसेवकों और प्रशिक्षकों को भी किया गया सम्मानित

कैंप के सफल संचालन में हरजीत सिंह सिरकी, हरमीत सिंह बिंदु, जसवीर सिंह खालसा और गुरप्रीत सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा स्वयंसेवकों ने भी आयोजन की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई। गुरुद्वारा की ओर से स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया।

समापन अवसर पर गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी विक्रम सिंह, ज्ञानी गुरविंदर सिंह प्रो. हरमिंदर वीर सिंह और ज्ञानी आकाशदीप सिंह को भी सम्मान प्रदान किया गया।

गुरमत सिखिया कैंप का समापन बच्चों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों के सामूहिक योगदान के साथ हुआ। प्रतियोगिताओं में बच्चों की भागीदारी ने धार्मिक शिक्षा के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य को भी रेखांकित किया।

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