भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। जून 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद हरमनप्रीत ने टेस्ट, वनडे और टी-20 में टीम की कमान संभाली थी। अब करीब चार साल बाद उन्होंने कप्तानी से हटने का फैसला किया है।
हरमनप्रीत के कप्तानी कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 वनडे विश्व कप रही। उनकी अगुवाई में भारतीय महिला टीम पहली बार विश्व चैंपियन बनी। टूर्नामेंट में भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों को हराकर खिताब अपने नाम किया।
एशियन गेम्स में भी दिलाया लगातार दो गोल्ड
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में भी लगातार दो बार स्वर्ण पदक जीते। टीम की इन उपलब्धियों ने भारतीय महिला क्रिकेट में उनके कप्तानी कार्यकाल को खास बनाया।
अब कप्तानी छोड़ने के फैसले के साथ हरमनप्रीत ने अपने उस दौर को पीछे छोड़ने का फैसला किया है, जिसमें उन्होंने टीम की उपलब्धियों के साथ-साथ कई व्यक्तिगत चुनौतियों का भी सामना किया।
‘मैंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया’
हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि सभी फॉर्मेट में कप्तानी से हटना उनके लिए आसान फैसला नहीं है। उनके मुताबिक इस सफर में वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे कई पल जुड़े हैं, जो जिंदगी भर उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम और महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया—अपना समय, मेहनत और कई बार अपने व्यक्तिगत खेल और महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा भी।
हरमनप्रीत ने यह भी लिखा कि कई मौकों पर उन्हें अपनी व्यक्तिगत परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ और अपने लिए चाही गई चीजों को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनका मानना था कि टीम हमेशा पहले आती है।
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के साथ अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट में नेतृत्व को लेकर नए अध्याय की शुरुआत होगी। हालांकि, उनका कप्तानी कार्यकाल विश्व कप और एशियन गेम्स की बड़ी उपलब्धियों के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।
