Sunday, October 4

सरायकेला-खरसावां। सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था और बढ़ते दुर्घटना के खतरे को देखते हुए सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले में विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की।

अभियान के दौरान कुल 25 भारी वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 1.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने वाहन चालकों के साथ-साथ उन कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी चेतावनी दी, जिनके बाहर भारी वाहन मुख्य सड़क या सार्वजनिक मार्ग पर खड़े पाए जाते हैं।

सड़क किनारे पार्किंग पर प्रशासन की नजर

विशेष अभियान का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी शांकचार्य सामड़, मोटरयान निरीक्षक सरायकेला-खरसावां और यातायात पुलिस निरीक्षक ने संयुक्त रूप से किया। टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की जांच की।

जांच के दौरान ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिनके सड़क किनारे खड़े रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अधिकारियों ने मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया।

प्रशासन का कहना है कि सड़क पर भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है। इससे दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ सकती है।

माइकिंग कर वाहन चालकों को दी गई चेतावनी

कार्रवाई के साथ ही अभियान के दौरान माइकिंग के जरिए वाहन चालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। चालकों से कहा गया कि वे सड़क किनारे या प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा न करें।

अधिकारियों ने बताया कि भारी वाहनों को सड़क पर खड़ा करने से यातायात बाधित होने के साथ सड़क हादसे की संभावना भी बढ़ती है। ऐसे में वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई।

कंपनियों के बाहर पार्किंग पर भी होगी कार्रवाई

इस अभियान में सिर्फ वाहन चालकों को ही निशाने पर नहीं रखा गया, बल्कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के बाहर होने वाली भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर प्रबंधन को भी चेतावनी दी गई।

माइकिंग के माध्यम से संबंधित कंपनी प्रबंधन और प्रबंधकों से कहा गया कि उनके प्रतिष्ठान में आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर या निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। मुख्य सड़क या सार्वजनिक मार्ग पर वाहनों को खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कंपनी या औद्योगिक प्रतिष्ठान के बाहर सड़क पर अवैध पार्किंग पाई जाती है तो संबंधित वाहन के साथ जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश

जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों के प्रबंधकों को भी अभियान के दौरान आवश्यक निर्देश दिए गए। उनसे कहा गया कि पेट्रोल पंप के बाहर सड़क पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग न होने दें।

प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। खासकर भारी वाहनों के कारण सड़क पर जाम या आवागमन में परेशानी की स्थिति पैदा न हो, इसे लेकर सतर्क रहने को कहा गया।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। सड़क किनारे अवैध पार्किंग और यातायात व्यवस्था में बाधा डालने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।

प्रशासन ने वाहन चालकों, कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार सड़क सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान से प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को अब केवल यातायात की समस्या के तौर पर नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के रूप में भी देखा जा रहा है।

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