Thursday, November 5

ओरमांझी। राम टहल चौधरी महाविद्यालय, दड़दाग, ओरमांझी (रांची) के इतिहास विभाग की ओर से गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “इतिहास में करियर और व्यवहारिक अनुप्रयोग: अभिलेखागार, संग्रहालय, पुरातत्व और पर्यटन” रखा गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास विषय के व्यावहारिक महत्व और इससे जुड़े रोजगार एवं करियर के अवसरों से परिचित कराना था।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भीम महतो ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं को जानने और समझने का विषय नहीं है, बल्कि इसमें करियर की भी कई संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक जानकारी हासिल करने में मदद करते हैं। इससे उनके भविष्य के करियर को नई दिशा मिल सकती है।

वहीं, महाविद्यालय की IQAC को-ऑर्डिनेटर प्रो. मीनू कुमारी ने अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कार्यशाला में विषय की उपयोगिता और विद्यार्थियों के लिए इसके व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला।

इस दौरान छात्राओं इशरत जहां, प्रियंका कुमारी, शीला कुमारी, माही नूर और मेहविस परवीन डे ने निर्धारित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्राओं ने इतिहास के व्यावहारिक अनुप्रयोग और इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के उप-प्राचार्य प्रो. योगेंद्र ठाकुर, प्रो. आरएन पांडेय, डॉ. अनुराधा कुमारी, प्रो. प्रेमनाथ मुंडा, प्रो. रेणु चौधरी, प्रो. शशि कुमारी मिश्र, मंजिता कुमारी, आरती कुमारी सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास विषय को केवल अकादमिक अध्ययन तक सीमित न रखते हुए उसके व्यावहारिक और व्यावसायिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

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