रांची: रांची विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में संचालित MBA और BBA जैसे सेल्फ-फाइनेंसिंग वोकेशनल कोर्स में शिक्षकों की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पर्याप्त पूर्णकालिक शिक्षक नहीं होने का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और उन्हें मिलने वाले शैक्षणिक मार्गदर्शन पर पड़ रहा है।
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाते हुए कहा कि कई कॉलेजों में इन वोकेशनल पाठ्यक्रमों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उनके मुताबिक, डोरंडा कॉलेज के स्नातकोत्तर स्तर और एस.एस. मेमोरियल कॉलेज के स्नातक स्तर पर शिक्षकों की कमी है। वहीं, रांची महिला कॉलेज के स्नातकोत्तर स्तर पर फिलहाल केवल एक शिक्षक उपलब्ध है।
छह पदों पर नियुक्ति के लिए निकला था विज्ञापन
अमन अहमद ने बताया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए रांची विश्वविद्यालय ने विज्ञापन के माध्यम से MBA और BBA में सहायक प्राध्यापकों की पूर्णकालिक संविदा नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे थे।
इस प्रक्रिया के तहत कुल छह पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित थी। इनमें MBA-HR के दो, MBA-Finance के दो, MBA-IT का एक और BBA (Finance) का एक पद शामिल था।
विज्ञापन के आधार पर 27 जुलाई 2026 को साक्षात्कार भी आयोजित किया गया, लेकिन 18 सितंबर तक इसका परिणाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इंटरव्यू हो गया, रिजल्ट का अब भी इंतजार
NSUI का कहना है कि साक्षात्कार के बाद परिणाम जारी नहीं होने से एक तरफ अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेजों में शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है।
संगठन के मुताबिक, सत्र आगे बढ़ चुका है और परीक्षाएं भी नजदीक हैं। ऐसे में यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने और परीक्षा की तैयारी कराने में परेशानी हो सकती है।
NSUI ने विश्वविद्यालय से की ये मांगें
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 27 जुलाई को आयोजित साक्षात्कार का परिणाम जल्द जारी करने और उसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की है। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र देने की मांग भी की गई है।
संगठन ने डोरंडा कॉलेज, एस.एस. मेमोरियल कॉलेज और रांची महिला कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की है।
केवल तत्काल नियुक्ति से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। MBA, BBA समेत अन्य वोकेशनल पाठ्यक्रमों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नियमित भर्ती प्रक्रिया और दीर्घकालिक मानव संसाधन नीति पर भी विश्वविद्यालय को काम करना चाहिए।
फिलहाल विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की नजर अब रांची विश्वविद्यालय प्रशासन पर है कि 27 जुलाई को हुए साक्षात्कार का परिणाम कब जारी किया जाता है और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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