रांची: रणजी ट्रॉफी में झारखंड और महाराष्ट्र के बीच खेला गया मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी में पिछड़ने के बाद झारखंड की टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन जतिन पांडे और मनीषी सिंह ने आखिरी 41 गेंदों तक क्रीज पर टिककर टीम को हार से बचा लिया। दोनों बल्लेबाजों के धैर्य ने महाराष्ट्र की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि, पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के कारण महाराष्ट्र को तीन अंक मिले, जबकि झारखंड के खाते में एक अंक आया।
पुणे में खेले गए इस मुकाबले में झारखंड की पहली पारी महज 169 रनों पर सिमट गई थी। इसके बाद महाराष्ट्र ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 527 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। पहली पारी के आधार पर महाराष्ट्र को बड़ी बढ़त मिली, जिससे झारखंड की मुश्किलें बढ़ गईं।
दूसरी पारी में झारखंड ने वापसी की कोशिश की और आठ विकेट के नुकसान पर 344 रन बनाए। टीम को मुकाबले में बनाए रखने के लिए बल्लेबाजों को लंबे समय तक टिककर खेलना था। ऐसे में जतिन पांडे और मनीषी सिंह ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और आखिरी 41 गेंदों तक अपना विकेट नहीं गंवाया। उनकी इस कोशिश से झारखंड मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रहा।
भले ही झारखंड को जीत नहीं मिली, लेकिन टीम ने दूसरी पारी में संघर्ष करते हुए हार टाल दी। दूसरी ओर, पहली पारी की बढ़त महाराष्ट्र के काम आई और उसे तीन अंक हासिल हुए।
अब झारखंड की टीम का अगला मुकाबला दिल्ली से होगा। यह मैच रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा। घरेलू मैदान पर उतरने वाली झारखंड की टीम की कोशिश पिछले मुकाबले से बेहतर प्रदर्शन कर जीत के साथ अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।
