झारखंड की राजनीति में नेताओं की नजदीकियां अक्सर सिर्फ मुलाकात तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनके पीछे छिपे सियासी संकेतों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। ऐसी ही कई सवालों से घिरी एक तस्वीर सामने आई है जहां झारखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री एनोस एक्का के जन्मदिन समारोह में भाजपा के सिमडेगा जिलाध्यक्ष दीपक पुरी, जिला महामंत्री मुकेश श्रीवास्तव और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मौजूदगी ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। समारोह में भाजपा के सिमडेगा जिलाध्यक्ष दीपक पुरी, जिला महामंत्री मुकेश श्रीवास्तव और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ये अनुमान लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि इतने सारे नेताओं का एक साथ आना यह सिर्फ जन्मदिन की बात नहीं है इसके पीछे आने वाले दिनों की कोई राजनीतिक संभावना भी छिपी है। बहुत सारे सवालों में एक सवाल सबसे सामने आ रहा कि क्या मधु कोड़ा के बाद अब एनोस एक्का भी भाजपा में जुड़ने की तैयारी में है।

बता दे मधु कोड़ा और एनोस एक्का झारखंड राज्य के सिर्फ नेता नहीं सबसे भ्रष्ट नेताओं में गिने जाते है। एनोस एक्का के जन्मदिन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि कोड़ा और एक्का दोनों ही झारखंड की राजनीति के उस दौर से जुड़े रहे हैं, जब भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों ने राज्य की राजनीति को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया था।
मधु कोड़ा का राजनीतिक सफर और कानूनी मामले
मधु कोड़ा सितंबर 2006 से अगस्त 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।
कोयला घोटाला और भ्रष्टाचार: मधु कोड़ा पर अपने कार्यकाल (2006-2008) के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर मर्जी से कोयला ब्लॉक आवंटन करने और भारी मात्रा में अवैध रिश्वत लेने के आरोप थे।
मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन): प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स विभाग ने उन पर अवैध कमाई को देश-विदेश की फर्जी कंपनियों के जरिए निवेश करने का मामला दर्ज किया था।
सरकारी राशि का दुरुपयोग: उन पर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने और पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में अदालत में मुकदमे चले।
एनोस एक्का पर क्या आरोप और क्या हुआ अदालत में?
एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए (2005-2008) पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति बनाने का आरोप था। प्रवर्तन निदेशालय ने उन पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला साबित किया, जिसके तहत उन्हें सजा भी सुनाई गई। इसके अलावा उन पर छोटा नागपुर टेनेंसी एक्ट (CNT Act) के नियमों को ताक पर रखकर फर्जी पतों के जरिए और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से आदिवासियों की जमीनें अपनी पत्नी और अन्य के नाम पर खरीदने का आरोप सिद्ध हुआ है। यहां तक कि एनोस एक्का को एक पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के मामले में भी अदालत द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है और आजीवन कारावास की सजा मिली है। उसके बाद साल 29 अगस्त 2025 जमीन के हस्तांतरण और CNT Act के प्रावधानों से जुड़े आरोप अदालत की कार्यवाही का हिस्सा रहे हैं।
बता दें कि ईडी ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का की संपत्ति को ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त कर लिया है। अब रांची के हिनू स्थित एयरपोर्ट रोड में एनोस एक्का के आलीशान बंगले को प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में तब्दील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ईडी ने मधु कोड़ा कैबिनेट में मंत्री रहे एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और उनके अन्य रिश्तेदारों की करीब 22 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर ली है।दरअसल उनके आवास पर ED दफ्तार खोलने का मुख्य कारण राज्य सरकार से बड़े दफ्तर की मांग की थी, लेकिन सरकार अभी तक ईडी को दफ्तर के लिए जगह नहीं दे पाई है। ऐसे में स्थानीय ईडी ने मुख्यालय को नया प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया था कि एनोस एक्का के एयरपोर्ट रोड स्थित बंगले को ईडी के स्थानीय कार्यालय में बदल दिया जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या भाजपा में होगी एंट्री?
मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा पहले ही भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में अब एनोस एक्का के समारोह में भाजपा नेताओं की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का तेज होना स्वाभाविक है। लेकिन फिलहाल तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। भाजपा की ओर से एनोस एक्का को पार्टी में शामिल करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल सवाल सिर्फ सवाल है क्या आने वाले दिनों में एनोस एक्का भी भाजपा के साथ दिखाई देंगे, या यह मुलाकात सिर्फ एक जन्मदिन समारोह तक ही सीमित रहेगी?
इसे भी पढ़े – पंजाब : LPU में रात को तोड़फोड़, सुबह कैंपस खाली,अब घर लौटे रहे छात्र


