रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के जरिए नियुक्त हुए कर्मियों के लिए राहत की खबर है। बता दे राज्य सरकार द्वारा उनकी नियुक्ति रद्द किए जाने के नोटिफिकेशन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसके बाद नवनियुक्त कर्मियों में खुशी की लहर है। कर्मियों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत ने आखिरकार उनकी बात सुनी। अब सभी की निगाहें कार्मिक विभाग की आधिकारिक अधिसूचना पर टिकी हैं, जिसके जारी होते ही चयनित कर्मी सोमवार से दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट सकेंगे।
सीजीएल कर्मी संजीत ने बताया
सीजीएल कर्मी संजीत ने बताया कि नियुक्ति रद्द होने के बाद सभी कर्मी गहरी चिंता में थे, लेकिन उन्हें न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद थी, जो अब सही साबित हुई। ऋषिकेश ने भी कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिली है और उम्मीद है कि जल्द सभी कर्मी अपने पदों पर वापस लौटेंगे। वहीं निर्मला सांगा ने बताया कि नियुक्ति रद्द होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था और परिवार के भरण-पोषण की चिंता सताने लगी थी। उन्होंने कहा कि सरकार से राहत नहीं मिली, लेकिन अदालत के आदेश ने बड़ी राहत दी है।
क्या है मामला ?
गौरतलब है कि 18 अगस्त को कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार ने जेएसएससी सीजीएल की नियुक्तियां रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जिससे चयनित कर्मियों के सामने अचानक बेरोजगारी और आर्थिक संकट की स्थिति खड़ी हो गई। इसके खिलाफ 21 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकारी आदेश पर स्टे लगा दिया।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट ने कर्मियों को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि भविष्य में जांच में दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। राज्य सरकार को भी अपना एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।


