Saturday, October 31

राष्ट्रीय एकता दिवस पर राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में विचार गोष्ठी, दौड़ और शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन; सरदार पटेल के योगदान को किया याद

रांची, 31 अक्टूबर। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय (आईएएसई), कांके में प्रशिक्षु शिक्षकों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ के जरिए राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश दिया। रांची विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के समन्वयक डॉ. किशोर सुरीन के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में विचार गोष्ठी, एकता दौड़ और शपथ ग्रहण समारोह हुआ। सत्र 2026–28 के प्रशिक्षु शिक्षकों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम की शुरुआत विचार गोष्ठी से हुई। इसमें प्रशिक्षु शिक्षकों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति की ऐतिहासिक भूमिका रही। उनके प्रयासों ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया। उनके आदर्श आज भी युवा पीढ़ी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देते हैं।

दौड़ के बाद ली राष्ट्रीय एकता की शपथ

विचार गोष्ठी के बाद महाविद्यालय परिसर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षु शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दौड़ के माध्यम से एक भारत, श्रेष्ठ भारत, आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। इसके बाद सभी प्रशिक्षु शिक्षकों ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ली। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने तथा नागरिकों के बीच एकता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

आयोजकों के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. श्यामा रथ की ओर से 30 अक्टूबर को जारी निर्देश के आलोक में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ ग्रहण और ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसी गतिविधियां आयोजित करने को कहा था।

वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस दौरान महाविद्यालय परिवार ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

आयोजन को सफल बनाने में प्रशिक्षु संसद के प्रधानमंत्री प्रशिक्षु शिक्षक कृष्णानंद, क्लास मॉनिटर पंकज कुमार साव, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रतीक शर्मा, शिक्षा मंत्री शशिकांत और खेल मंत्री अभिषेक राजेंद्र एक्का की विशेष भूमिका रही। इनके अलावा शुभम, उत्कर्ष भारद्वाज, निलेश तिवारी, समीर लकड़ा, कार्तिक, प्रह्लाद, अशोक कुमार महतो, पीयूष पाठक, साज़िद अंसारी सहित अन्य प्रशिक्षु शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षु शिक्षकों ने संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन और व्यवहार का हिस्सा होनी चाहिए।

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