लंबे समय से E20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब केंद्र सरकार के पास इसका एक व्यावहारिक हल हाथ लग गया है। दरअसल पुराने वाहन चालक बार-बार E10 पेट्रोल वापस लाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन हर बार सरकार यह कहकर टाल देती थी कि पेट्रोल पंपों के टैंक और ढांचे में बदलाव करना बड़ी चुनौती है। मिंट की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि अब इस अड़चन को दरकिनार करते हुए सरकार एक अलग रास्ता तलाश रही है बिना नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए ही E10 पेट्रोल की सुविधा दी जाए।
प्रीमियम फ्यूल से निकलेगा हल
तरकीब यह है कि जो प्रीमियम ब्रांडेड फ्यूल जैसे इंडियन ऑयल का XP95, BPCL का Speed और HPCL का Power95 पहले से ही देश के 90 हजार से ज्यादा पंपों पर मौजूद हैं, उन्हें ही E10 फॉर्मूलेशन में ढाल दिया जाए। चूंकि ये उत्पाद पहले से बिक रहे हैं, इसलिए अलग टैंक या डिस्पेंसिंग यूनिट लगाने की नौबत ही नहीं आएगी। बस इनमें मिलने वाले एथेनॉल की मात्रा को मौजूदा 15-20% से घटाकर 10% करना होगा।
कीमत और क्वालिटी का गणित
फिलहाल यह प्रीमियम पेट्रोल सामान्य पेट्रोल से 8 से 13 रुपये प्रति लीटर महंगा बिकता है मसलन दिल्ली में सामान्य पेट्रोल 102 रुपये का है तो प्रीमियम 110-115 रुपये में मिलता है। इसकी खासियत इसकी 95 RON ऑक्टेन रेटिंग है, जबकि सामान्य पेट्रोल की रेटिंग 91 RON होती है यानी इंजन में नॉकिंग की समस्या कम, और डिटर्जेंट एडिटिव्स की वजह से इंजन थोड़ा साफ भी रहता है। नई व्यवस्था में एथेनॉल कम होने के बाद कीमत में कुछ बदलाव संभव है, पर यह तय है कि यह बिना एथेनॉल वाले XP100 (167.35 रुपये प्रति लीटर) से सस्ता ही रहेगा।
असली फायदा किसे?
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के प्रवक्ता मोंटी सहगल के मुताबिक तेल कंपनियों के लिए यह बदलाव तकनीकी रूप से आसान है। और अगर यह योजना सिरे चढ़ती है, तो सबसे बड़ा फायदा साल 2024 से पहले खरीदी गई उन गाड़ियों के मालिकों को होगा, जो ज्यादा एथेनॉल वाले E20 पेट्रोल के साथ तालमेल नहीं बिठा पातीं।
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