Wednesday, November 4

कोडरमा: झारखंड में पशु तस्करी के खिलाफ कोडरमा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के एक प्रयास को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने चंदवारा थाना क्षेत्र के मदनगुंडी टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर दो ट्रकों को पकड़ा। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से क्रूरतापूर्वक लदे 27 पशु बरामद किए गए। इनमें 17 भैंस और 10 उसके बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो ट्रक और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर बनाई गई विशेष टीम

पुलिस के अनुसार, कोडरमा एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार से दो बड़े ट्रकों में पशुओं को लादकर कोडरमा, तिलैया और चंदवारा के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर तकनीकी शाखा प्रभारी नवीन कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

बुधवार की रात करीब दो बजे चंदवारा थाना क्षेत्र के मदनगुंडी टोल प्लाजा के पास पुलिस ने वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान कोडरमा की ओर से आ रहे दो संदिग्ध ट्रक पुलिस की नजर में आए। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ट्रक लेकर भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने बैरियर लगाकर दोनों ट्रकों को रोक लिया। तलाशी लेने पर दोनों ट्रकों में कुल 27 पशु बेहद खराब तरीके से लदे मिले। पुलिस ने सभी पशुओं को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

बिहार से लोड कर बंगाल ले जाए जा रहे थे पशु

प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि पशुओं को बिहार के बख्तियारपुर से लोड किया गया था और इन्हें पश्चिम बंगाल के पगला हाट, कोलकाता ले जाया जा रहा था। पुलिस जांच में पशु परिवहन के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अलग-अलग थाना क्षेत्रों से वाहनों को पार कराने के लिए अन्य लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने की बात भी सामने आई है।

पुलिस ने इस मामले में बिहार के पटना जिले के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कुंदन कुमार, विकास कुमार, अमरनाथ यादव और हरेंद्र साव के रूप में हुई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक 16 चक्का ट्रक (WB41K1404), एक 14 चक्का ट्रक (JH02AU1239) और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस पशु तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और इस नेटवर्क के संभावित कनेक्शन का पता लगाना है।

Share.
Next Story
TOP 100 यूनिवर्सिटी से बाहर हो गयी DELHI UNIVERSITY !
Exit mobile version