रांची: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच लापता रांची के राम प्रसाद घोष को लेकर अब बड़ी खबर सामने आई है। समाजसेवी ज्योति शर्मा ने मामले को नेपाल स्थित भारतीय एम्बेसी के समक्ष उठाया और राम प्रसाद के लापता होने से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की। उल्लेखनीय है कि इस मामले को @jharkhanddigital झारखंड डिजिटल ने प्रमुखता के साथ उठाया जिसके बाद रामप्रसाद घोष की तलाश तेज कर दी गयी है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय एम्बेसी ने इसे संज्ञान में लिया है। नेपाल आर्मी द्वारा समाजसेवी ज्योति शर्मा को E-MAIL के जरिये सुनिश्चित किया गया कि राम प्रसाद को तलाशने में कोई कसार नहीं छोड़ी जाएगी।
एम्बेसी की ओर से राम प्रसाद घोष को ढूंढने के लिए प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही, इस संबंध में उनके परिवार को भी जानकारी दे दी गई है।
खबर प्रकाशित होने के बाद दूतावास तक पहुंचा मामला
दरअसल, नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड निवासी राम प्रसाद घोष के लापता होने की खबर झारखंड डिजिटल ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर के जरिए राम प्रसाद के परिवार की चिंता और उनसे कई दिनों से संपर्क नहीं होने की जानकारी सामने आई थी।
राम प्रसाद के बड़े भाई देव घोष ने झारखंड डिजिटल को बताया था कि उनके भाई से लगातार संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनका मोबाइल फोन ‘नॉट रीचेबल’ बता रहा है। राम प्रसाद इसी साल फरवरी में नेपाल की एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कंपनी में एडमिन के पद पर नियुक्त हुए थे और वहीं कार्यरत थे।
परिवार को अब सुरक्षित वापसी की उम्मीद
राम प्रसाद के लापता होने के बाद से रांची में उनका परिवार लगातार चिंता में है। पिता, बड़े भाई देव घोष, भाभी और भतीजा उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अब भारतीय एम्बेसी और नेपाल आर्मी के मामले को संज्ञान में लेने के बाद परिवार की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। परिजनों को भरोसा है कि नेपाल में चल रही खोजबीन के दौरान जल्द ही राम प्रसाद के बारे में कोई राहत भरी जानकारी सामने आएगी।
