रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल 53 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात
कैबिनेट ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति 2026 के गठन को मंजूरी दी। धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज के विकास और सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए 4.95 अरब रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के विकास हेतु भी करीब 3.94 अरब रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिससे 2026-27 से 2029-30 के बीच एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी और नए विषय भी शुरू किए जाएंगे।
शिक्षा और रोजगार पर फोकस
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी गई है। वहीं रोजगार के क्षेत्र में कैबिनेट ने झारखंड में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन यानी “वीबीजी रामजी योजना” को भी मंजूरी दी है।
भूमि और प्रशासनिक फैसले
राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े झारखंड सेवा नियमितीकरण प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। धनबाद के बलियापुर में 3.43 एकड़ जमीन सेल को स्थायी रूप से देने का फैसला लिया गया, जिसके बदले सेल राज्य सरकार को 5.69 करोड़ रुपये देगा। वित्त विभाग में पीएमयू को मजबूत करने के लिए 76 नए संविदा और आउटसोर्स पदों पर कर्मचारियों की सेवा लेने को भी मंजूरी दी गई है।
आपदा सूची और अन्य फैसले
आपदा प्रबंधन से जुड़े एक अहम फैसले में वज्रपात और ग्रीष्म लहर को राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदा सूची से हटाकर अब केंद्र सरकार की प्राकृतिक आपदा सूची में शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा मीट और मीट उत्पादों से जुड़े कारोबार के लिए एनओसी देने से संबंधित झारखंड म्युनिसिपल रेगुलेशन 2026 को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की है।
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